
मंडी। चेक बाउंस का अभियोग साबित होने पर अदालत ने आरोपी को छह माह के साधारण कारावास की सजा का फैसला सुनाया। 80 हजार रुपये हर्जाना भी अदा करना होगा। विशेष न्यायिक दंडाधिकारी रघुबीर सिंह के न्यायालय ने जेल रोड निवासी मनोज कुमार पुत्र राज कुमार की ओर से दायर की गई निगोशिएबल इस्ट्रूमेंट एक्ट की धारा 138 की शिकायत का फैसला सुनाया।
शिकायत के जरिये चलाए गए अभियोग के साबित होने पर अदालत ने दर्शन सिंह पुत्र कृष्ण सिंह के खिलाफ उक्त सजा दी। अधिवक्ता विकास शर्मा के माध्यम से अदालत में दायर शिकायत के मुताबिक आरोपी ने दिसंबर 2007 में व्यापार के लिए शिकायतकर्ता से 80,000 रुपये की राशि उधार ली थी। इस राशि को लौटाने के लिए आरोपी ने उन्हें एक चेक जारी किया था।
जब शिकायतकर्ता ने यह चेक भुगतान के लिए बैंक में लगाया तो आरोपी के खाते में पर्याप्त राशि न होने के कारण यह बाउंस हो गया। ऐसे में शिकायतकर्ता ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से आरोपी को 15 दिन का नोटिस जारी करके राशि की अदायगी करने को कहा था। बावजूद राशि अदा न करने के कारण शिकायतकर्ता ने अदालत में शिकायत दायर की थी।
अदालत ने फैसले में कहा कि शिकायतकर्ता की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों से आरोपी के खिलाफ चेक बाउंस का अभियोग साबित हुआ है। सजा की अवधि पर हुई सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ता का कहना था कि आरोपी को कड़ी सजा दी जाए। जबकि, बचाव पक्ष की ओर से नरम रुख का आग्रह किया गया। अदालत ने दोनो पक्षों की सुनवाई के बाद आरोपी को उक्त कारावास और हर्जाने की सजा का फैसला सुनाया है।
