चुनाव में गर्माए मुद्दे

नाहन (सिरमौर)। कॉलेज छात्र संघ चुनाव 17 अगस्त को प्रस्तावित हैं। इस बार चुनावों में तीन प्रमुख छात्र संघों को कड़ी मेहनत की दरकार है। पिछले कई समय से कॉलेज में पीने का पानी प्रमुख मुद्दा बना है। यही नहीं, कॉलेज में 15 से अधिक पद शिक्षकों से लेकर तकनीकी स्टाफ के खाली हैं। इतने सालों से विभिन्न छात्र संघ इन असुविधाओं के लिए क्या कर रहे हैं, इसका जवाब भी छात्र नेताओं को देना होगा। कॉलेज परिसर में मजबूत छात्र संघ का दावा ठोकने वाली एनएसयूआई से लेकर स्वयं को छात्र हितों की मुख्य धारा समझने वाली अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद तक वास्तव में कॉलेज को मूलभूत सुविधाएं प्रदान कराने में नाकाम रहे हैं। जहां तक एसएफआई का सवाल है तो तकरीबन हर बार छात्र शक्ति के रूप में उभरा यह छात्र संघ अपने निकटतम इकाईयों को सबक सिखाने का ही काम करती रही है। कॉलजे में सुविधाओं को दिलाने के बारे में एसएफआई भी कुछ नहीं कर सकी। कॉलेज में चार महत्वपूर्ण विषयों को पढ़ाने वाले प्रवक्ता पिछले तीन साल से उपलब्ध नहीं हैं। इसके अलावा फीस स्ट्रक्चर से लेकर फार्म डिपोजिट जैसे तकनीकी कार्यों को निपटाने वाले 12 महत्वपूर्ण कर्मियों के पद भी रिक्त चल रहे हैं। विज्ञान भवन में शौचालयों की बुरी दुर्दशा है। छात्राओं के शौचालय मूलभूत सुविधाओं से महरूम हैं। पीने के पानी को लेकर यहां कई सालों से छात्र-छात्राओं को मुसीबतें झेलनी पड़ रही है। बाहर से चमकने वाला यह भवन भीतर से कई हिस्सों में दरका हुआ है। आधा दर्जन से अधिक कमरों में पंखें तथा बिजली की सुविधा नहीं है। कमरों में बिजली की पुरानी तारें इधर-उधर बिखरी हैं। बैठने के लिए डैस्क भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं हैं। कमोबेश यही हालत आर्ट्स भवन में है। यहां छात्र एवं छात्रा शौचालयों की हालात अच्छी नहीं हैं। सफाई व्यवस्था पटरी से बाहर है। शौचालयों में पानी की पर्याप्त सुविधा न होने के कारण भी ऐसी स्थिति पैदा हो रही है।
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एनएसयूआई एवं एबीवीपी गुमराह करने वाले छात्र संघ: एसएफआई
नाहन (सिरमौर)। एसएफआई के एससीए उपाध्यक्ष विवेक तथा इकाई सचिव अमित कुमार का कहना है कि एसएफआई ने हमेशा गंभीरता से कॉलेज की समस्याओं को उठाया है। पीने के पानी से लेकर स्टाफ तक की समस्या प्राचार्य से लेकर राज्य सरकार के समक्ष रखी गई हैं। उक्त दोनों संघ छात्र हित में काम न करके राज्य की सत्ता में आने वाली पार्टियों के हिसाब से काम करते हैं। छात्र हितों में नहीं।

एनएसयूआई की स्वच्छ छवि से छात्र प्रभावित: ओपी
नाहन (सिरमौर)। अन्य दो छात्र इकाईयों के मुकाबले एनएसयूआई की छवि बेहद साफ सुथरी रही है। यही कारण है कि एनएसयूआई को समय-समय पर भारी सफलता मिलती रही है। एनएसयूआई इस मर्तबा छात्र संघ चुनाव में सभी सीटों पर आसानी से विजय हासिल करेगी।
….ओपी ठाकुर, जिला एनएसयूआई अध्यक्ष

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