

चुनाव के बोझ के लिए तैयार नहीं है दिल्ली

उन्होंने कहा कि सितंबर के बाद कोई भी विधायक विकास कार्यों पर एक पैसा भी खर्च नहीं कर पाएगा। हमने जो भी एस्टीमेट बनाया था वो सब बेकार गया।
मुखी के मुताबिक, जिन प्रोजेक्टों को हमने पास किया था उन्हें आवंटन पत्र नहीं दिया गया और जिन्हें आवटंन पत्र दिया गया उन पर काम शुरू नहीं हो पाया। इन सबके बाद दिल्ली एक और चुनाव का बोझ उठाने के लिए तैयार नहीं है।
‘केजरीवाल कंफ्यूज आदमी हैं

मुखी कहते हैं कि राजनीतिक पार्टियां चुनाव लड़ती हैं सत्ता में आने के लिए ताकि वो लोगों के लिए काम कर सकें। लेकिन, अरविंद केजरीवाल ने सत्ता में आने के बाद महसूस किया कि सरकार चलाने के बारे में कुछ नहीं जानते।
उन्होंने कहा कि ये केजरीवाल ही हैं जिन्होंने दिल्ली को सरकार विहीन कर दिया। इसके बाद उन्हें किसी भी पार्टी से कुछ भी पूछने का नैतिक अधिकार नहीं है। कभी वो चाहते हैं कि सदन स्थगित हो जाए और कभी वो चाहते हैं कि चुनाव हों। केजरीवाल कंफ्यूज हैं।
‘सराकार बनाने की वैधानिक जिम्मेदारी एलजी की’

उन्होंने आगे कहा कि जहां तक वो जानता हैं ये फैसला एक हफ्ते के अंदर या 9 अगस्त के बाद आ सकता है।
साथ ही साथ मुखी ने सरकार बनाने की बात को एलजी पर थोपते हुए कहा कि ये उनका वैधानिक दायित्तव है कि दिल्ली को सरकार मिले। एजली को सभी पार्टियों को या किसी एक पार्टी को सरकार बनाने के लिए न्यौता देना चाहिए।
‘कांग्रेस और आप हैं साथ-साथ’

कांग्रेस और आप पर साथ-साथ होने का आरोप लगाते हुए मुखी ने सवाल दागा कि अब क्यों नहीं आप दूसरे राज्यों से चुनाव लड़ रही है? आप क्यों केवल दिल्ली में चुनाव लड़ना चाहती है? कांग्रेस ने आप को पूरे देश से चुनाव लड़ने को कहा था ताकि वो बीजेपी को ध्वस्त कर सके पर दोनों ही असफल रहे।
जब जगदीश मुखी से पूछा गया कि अगर ताजा चुनाव हुए तो क्या आप भाजपा के वोटबैंक को प्रभावित करेगी तब इस पर मुखी ने जवाब दिया कि हमारा वोटबैंक मजबूत है। आप कांग्रेस को प्रभावित करेगी हमें नहीं।
