

सोमराज ने कहा कि सभी को सरकार और प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करना चाहिए, जिससे कोरोना वायरस पर नियंत्रण पाया जा सकता है। कहा कि वुहान में 20 जनवरी को कोरोना वायरस पूरी तरह आउट ब्रेक हुआ था। तीन दिन बाद चीन सरकार ने 23 जनवरी को सभी शहरों को लॉक डाउन कर दिया था। उसके बाद 14 मार्च को वुुहान के अलावा सभी शहरों को पूरी तरह खोल दिया था।
अब पहली अप्रैल को वुहान शहर को खोलने की सूचना हैं। कांगड़ा के जवाली उपमंडल के मतलाहड़ पंचायत के सोमराज ने कहा कि वह पिछले साढे़ तीन साल से चीन के वुहान में सरकार के फंड से चलने वाली दवा कंपनी में बतौर माइक्रो बायोलॉजिस्ट काम कर रहे हैं। इससे पहले उन्होंने सात साल भारत में काम किया है। उन्होंने कहा कि वह 27 फरवरी को वुहान से भारत आए।
उनके साथ 112 लोग आए थे। इनमें कोई भी कोरोना वायरस पॉजिटिव नहीं था। 14 दिन सभी को दिल्ली में आईटीबीपी कैंप में आईसोलेशन करने के बाद घर जाने की अनुमति दी गई थी। उसके बाद वह अपने परिवार के साथ घर में रह रहे हैं। उन्होंने कहा कि वुहान शहर खुलने के बाद वह फिर से कंपनी में सेवाएं देने वापस जाएंगे। वह कंपनी में रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑफ न्यू वैक्सीन में निमोनिया, टायफायड की दवाइयां बनाने में शोध कार्य कर रहे हैं।
भारत में अभी कोरोना की दूसरी स्टेज
अफवाहों के कंट्रोल करने के लिए सरकार को भी कड़े कदम उठाने होंगे। वुहान में हर व्यक्ति ने सरकारी एडवाइजरी का पालन किया, जिससे लगभग दो महीने बाद स्थिति कंट्रोल में आई है।
80 प्रतिशत लोगों में नहीं दिखते हैं लक्षण
लोगों को अपने बचाव के लिए कुछ दिन पर सार्वजनिक स्थानों और एक-दूसरे से मिलने से दूरी रखनी चाहिए। जिस व्यक्ति में बुखार, जुकाम, खांसी के साथ टायफायड बुखार जैसे शरीर टूटने के लक्षण हैं तो वे मास्क का प्रयोग करें।
