
काशीपुर। राज्य की सभी नौ चीनी मिलों के प्रबंधकों की बैठक में गन्ना आयुक्त चंद्रमोहन सिंह बिष्ट ने चीनी मिलों पर किसानों का बकाया भुगतान को लेकर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने चीनी मिलों को बकाया भुगतान की व्यवस्था यथाशीघ्र करने का आदेश दिया।
गन्ना आयुक्त कार्यालय सभागार में गन्ना आयुक्त बिष्ट ने जिला ऊधमसिंह नगर, हरिद्वार, देहरादून के चीनी मिलों के प्रतिनिधियों, गन्ना अधिकारियों की अलग-अलग बैठक ली। बैठक में गन्ना आयुक्त ने कहा कि राज्य की सभी नौ प्राइवेट, सहकारी एवं सरकारी चीनी मिलों पर किसानों के लगभग 473 करोड़ रुपये बाकी हैं। जिसमें सरकारी एवं सहकारी मिलों पर लगभग 200 करोड़ रुपये बकाया हैं। उन्होंने कहा कि एक मुश्त नहीं हो तो किस्तों में भुगतान किया जाए। चीनी मिलों ने गन्ना विकास सहकारी समितियों का गन्ना विकास कमीशन का भुगतान नहीं करना गंभीर मामला है। हरिद्वार की तीनों चीनी मिलों के प्रतिनिधियों तथा गन्ना अधिकारियों ने बताया कि गंगा में भारी बाढ़ आने सेपानी के साथ ही गाद भी आया जो खेतों में जम गया है। जिससे गन्ना की लगभग 30 प्रतिशत फसल प्रभावित होने की आशंका है। गन्ना आयुक्त ने सहायक गन्ना आयुक्तों को गन्ना का सर्वे कार्य 15 जुलाई तक पूरा करने का निर्देश दिया।
बैठक में महेश चंद्र गुप्ता, सहायक गन्ना आयुक्त रामबदल वर्मा, हरिमोहन उपाध्याय, वृंदावन, धर्मवीर सिंह, जनेश्वर प्रसाद त्यागी, चंद्र सिंह तोमर, डा.विरेंद्र कुमार पाल, श्याम लाल, ओमपाल सिंह, अशोक कुमार, प्रीतम सिंह, कमल कुमार, ओमपाल चौहान, जनसंपर्क अधिकारी कमल जोशी, विजय कुमार राना, महावीर सिंह, रामलक्ष्मण, एके सिंह, श्याम लाल, अमित सिंह के अलावा गन्ना विभाग के अधिकारी, मिलों के प्रतिनिधि मौजूद थे।
