
नई दिल्ली: चीन की ओर से वास्तविक नियंत्रण रेखा के अतिक्रमण की बढती घटनाओं पर पहली बार अपनी चुप्पी तोडते हुए रक्षा मंत्री ए के एंटनी ने आज कहा कि इस प्रकार की घटनाओं को रोकने के लिए कारगर व्यवस्था कायम करने के प्रयास किए जा रहे हैं।
विजय दिवस के अवसर पर कारगिल के शहीदों को इंडिया गेट स्थित अमर जवान ज्योति पर श्रद्धांजलि अॢपत करने के बाद संवाददाताओं के सवालों के जवाब में एंटनी ने माना कि भारत चीन के बीच लंबी सीमा का समाधान होना अभी है और इसके लिए बातचीत जारी है।
उन्होंने कहा कि भारत चीन के बीच तीसरे दौर की सीमा तंत्र की बैठक हाल ही में हुई है और एक अन्य बैठक बीजिंग में होगी। रक्षा मंत्री ने कहा कि विवादित सीमा पर दोनों देशों की सेनाएं अपने अपने नजरिये से गश्त करती हैं और ऐसे में कभी कभी आमने सामने की नौबत भी आती है।
हाल के समय में लद्दाख और उत्तराखंड में चीन की ओर से अतिक्रमण की घटनाएं दर्ज की गई हैं1 लद्दाख के चुमार क्षेत्र में चीनी
सैनिक 16 जून को भारत का निगरानी कैमरा उठाकर ले गए थे जबकि इसके ठीक एक महीने बाद फिर से 17 और 18 जुलाई एवं इसके बाद 20 जुलाई को अतिक्रमण की घटनाएं सामने आईं।
भारतीय सेना इस बात की पुष्टि कर चुकी है कि इस साल चीन की ओर से अतिक्रमण की करीब 150 घटनाएं हुई हैं। एंटनी खुद चीन की यात्रा के बाद हाल ही में लौटे हैं जहां दोनों सेनाओं के बीच आपसी विवास बढाने के लिए सात प्रमुख बिंदुओं पर सहमति हुई थी।
रक्षा मंत्री के चीन दौरे से पहले और उसके बाद भी अतिक्रमण का सिलसिला जारी है। एंटनी के चीन दौरे की समाप्ति पर जारी संयुक्त बयान में दोनों देशों ने सीमा पर शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त उपाय करने पर सहमति जाहिर की थी और इस सप्ताह नयी दिल्ली में सीमा के बारे में गठित संयुक्त सचिव स्तर के कार्यदल की दो दिन की बैठक में भी भारत ने अतिक्रमण का मुद्दा उठाया।
