
रामपुर बुशहर(संदीप नेगी)शायद चिराग तले अंधेरा इसी को कहते हैं। आम पब्लिक को सुविधाएं मुहैया करवाने वाले प्रशासनिक विभागों के अधिकारी खुद ही मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। रामपुर सब डिवीजन के मिनी सचिवालय में न पीने के पानी की व्यवस्था और न ही शौचालय की। बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता भी यही बैठते हैं फिर भी परिसर में अंधेरा पसरा रहता है। सफाई की उचित व्यवस्था न होने से जगह-जगह कूड़े के ढेर और खाली बोतलें बिखरी हैं। बाहर से खूबसूरत दिखने वाली इस इमारत के अंदर गंदगी और पानी की किल्लत से अधिकारी और कर्मचारी पिछले कई वर्षों से जूझ रहे हैं।
और तो और कर्मचारियों को कोर्ट काम्पलैक्स और प्राथमिक और माध्यमिक पाठशाला से पानी लाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। मिनी सचिवायल में लगभग 150 से 200 के करीब अधिकारी और कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं, जबकि यहां हर रोज सैकड़ों की संख्या से लोग अपने काम के लिए आते हैं। शौचालय में पानी न होने की वजह से सफाई व्यवस्था भी पूरी तरह से ठप पड़ी है। हाल इस कदर खराब हैं कि कर्मचारियों को बाजार से खरीदकर पानी पीने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
क्या कहना है अधिकारियों का
मिनी सचिवालय में कार्यरत आबकारी एवं कराधान अधिकारी गोपाल ठाकुर, नायब तहसीलदार केएस ठाकुर, त्रिभुवन शर्मा, रति राम, तीला शर्मा, प्रेम कुमार, रविंद्र, विमला देवी और अन्य कर्मचारियों का कहना है कि पानी की किल्लत के चलते कर्मचारियों को खासी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं शौचालय से निकलने वाली बदबू के कारण कर्मचारियों को कार्यालय के दरवाजे बंद कर काम करना पड़ रहा है।
ये विभाग चल रहे हैं यहां
मिनी सचिवालय में इस समय पुलिस, एचपीएमसी, आबकारी एंव कराधान विभाग, उद्यान विभाग, विद्युत बोर्ड, श्रम और रोजगार विभाग, खनन विभाग, खाद्य एंव आपूर्ति विभाग, प्राथमिक शिक्षा विभाग जैसे 20 से 22 कार्यालय चल रहे हैं।
कोट
कार्यालयों का दौरा कर रिपेयर का काम शुरू कर दिया जाएगा। मेजर रिपेयर का एस्टीमेट मंजूरी के लिए भेजा जा चुका है। संबंधित विभागों के अधिकारियों को सफाई बारे निर्देश भी दे दिए गए हैं।
-दलीप नेगी, एसडीएम रामपुर
