
चिटफंड मामले के में पश्चिम बंगाल सरकार सारदा ग्रुप की धोखाधड़ी के बाद कारोबार डूब जाने से निवेशकों को हुए नुकसान की भरपाई करेगी। इस बात का भरोसा गुरुवार को मुख्यमंत्री ममता बेनर्जी ने निवेशकों को दिलाया। ममता बेनर्जी ने कहा कि हम जल्द ही सारदा ग्रुप और अन्य चिटफंड कंपनियों द्वारा ठगे गए निवेशकों को मुआवजे का भुगतान करना शुरू कर देंगे।
सारदा ग्रुप और अन्य कंपनियों के चिटफंड में अनियमितता की जांच के लिए राज्य सरकार द्वारा गठित न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) श्यामल सेन जांच आयोग ने हाल में अपना काम शुरू किया। छह महीने के भीतर उसने अपनी रिपोर्ट देने का लक्ष्य रखा है। बेनर्जी ने कहा कि जांच आयोग को अब तक चार लाख से अधिक शिकायतों के साथ-साथ जमा की गई राशि को वापस करने की अनुरोध किया है।
बेनर्जी ने कहा कि चिटफंड घोटाले की जांच कर रहा न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) श्यामल सेन जांच आयोग राज्य सरकार को अनुशंसा करने से पहले शिकायतों के आधार पर डाटा बैंक तैयार करेगा। बेनर्जी ने कहा कि सारदा समूह के डूबने के बाद निवेशकों और एजेंटों को धन लौटाने के लिए सरकार ने 500 करोड़ रुपए का राहत कोष स्थापित किया है।
