चिकित्सा केंद्रों का रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य

चंपावत। जिले में संचालित होने वाले हर चिकित्सा केंद्र, चिकित्सा प्रयोगशाला, नर्सिंग होम, डायग्नोस्टिक सेंटर, एक्सरे सुविधा केंद्र के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया गया है। बिना रजिस्ट्रेशन के संचालित होने वाले ऐसे केंद्रों पांच लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। इसके लिए जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जिला पंजीकरण प्राधिकरण का गठन कर दिया गया है।
मुख्य चिकित्साधिकारी डा. हरीश चंद्रा ने बताया कि जिले के किसी भी स्थान पर किसी भी स्तर का चिकित्सा संबंधी क्रियाकलाप करने पर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि नैदानिक स्थापना (रजिस्ट्रेशन और विनियमन) अधिनियम 2010 में दिए गए प्रावधानों के अनुरूप यह कदम उठाया गया है। इस व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए बाकायदा प्राधिकरण का गठन किया गया है। उन्होंने सभी चिकित्सा व्यवसायियों से कहा है कि एक माह के भीतर स्थाई और अस्थाई पंजीकरण के लिए निर्धारित शुल्क जमा कर दें, पंजीकरण के लिए आवेदन करें। उन्होंने कहा कि बिना पंजीकरण के चिकित्सा सुविधाओं का संचालन करना गैरकानूनी है। इसका उल्लंघन होने पर अर्थदंड वसूल किया जाएगा। पंजीकरण शुल्क का निर्धारण अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं के आधार पर किया गया है। इसकी राशि ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों के लिए अलग अलग है। पंजीकरण का शुल्क कम से कम 1500 रुपये और अधिकतम दो लाख 20 हजार रुपये तक है।

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