चार मकानों पर गिरे ल्हासे, कई खतरे की जद में

बरोट (मंडी)। जिले में आसमानी आफत का कहर जारी है। मंगलवार रात को भारी बारिश से चौहारघाटी और छोटा भंगाल क्षेत्रों में कई पंचायतों में लोगों के मकान खतरे की जद में आ गए हैं। जगह-जगह ल्हासे गिरने और जमीन धंसने से मकानों पर खतरा बना हुआ है। रात भर तेज बारिश के बीच ल्हासे गिरने से कई लोगों को आधी रात को अपने घर छोड़ने पड़ गए तथा अन्य घरों में शरण लेनी पड़ी। बरोट-घटासनी मुख्य सड़क पर जगह-जगह ल्हासे गिरने से यातायात पर असर पड़ रहा है। देवता ढांक और वरधान के समीप सड़क पर भारी मलबा आ जाने से आधा दर्जन सरकारी एवं निजी वाहनों की आवाजाही थम गई। वहीं छोटा भंगाल क्षेत्र की बरोट-बड़ागांव सड़क में गली नामक स्थान पर भी भारी ल्हासा गिरा है। जहां दो निजी बसें गत तीन दिन से फंसी हुई हैं।
थल्टूखोड़ पंचायत पूर्व प्रधान ओम प्रकाश ने बताया कि मंगलवार रात को थल्टूखोड़ गांव में बिहू राम पुत्र सवारू राम, विरेंद्र एवं बृजलाल के दो मंजिला स्लेटपोश मकानों में पहाड़ी से मलबा आ गया। इससे मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं। कई अन्य मकानों में भी दरारें आ गई हैं। इस घटना में किसी तरह का जानी नुकसान नहीं हुआ है। वहीं बरोट पंचायत के कोहघ निवासी राजमल के मकान और गोशाला में चट्टान गिरने से गोशाला दब गई। मकान को खतरा बना हुआ है। बरोट पंचायत प्रधान चमेल सिंह ने सरकार से प्रभावित परिवारों को उचित राहत देने की मांग की है। इधर, एसडीएम पधर विनय मोदी ने बताया कि पटवारी को नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट तैयार करने के आदेश दे दिए हैं। उधर, लोनिवि के कनिष्ठ अभियंता टेक सिंह ने बताया कि मुख्य सड़क बरोट-घटासनी को यातायात के लिए बहाल कर दिया गया है। शीघ्र ही घाटी के अन्य मार्गों को भी बहाल कर दिया जाएगा।

उहल और लंबा डग नदियों में जलस्तर बढ़ा
चौहारघाटी एवं छोटा भंगाल क्षेत्र में उहल तथा लंबा डग नदियों में जल स्तर बढ़ गया है। इससे साथ लगते रिहायशी मकानों, दुकानों को खतरा बना हुआ है। पंजाब शानन विद्युत परियोजना बरोट के सहायक अभियंता प्रेमपाल ने बताया है कि मंगलवार रात को क्षेत्र की नदियों में 15 हजार क्यूसिक जल स्तर आंका गया है। जिसके चलते परियोजना के गेट खोलने के आदेश दे दिए गए हैं। उधर, तहसीलदार मुलथान सुमन बाली का कहना है कि उहल और लंबा डग नदियों के किनारे बसे लोगों को सचेत रहने के निर्देश दिए गए हैं।

बरसात में ब्यास किनारे न जाएं : एडीएम
मंडी। अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी पंकज राय ने बताया कि जिले में भारी बरसात के चलते ब्यास नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण पंडोह डैम से पानी की निकासी के लिए गेट कभी भी खोले जा सकते हैं। उन्होंने ब्यास नदी के आसपास रहने वाले लोगों से आह्वान किया कि वह नदी के तट पर न जाएं तथा अपने पशु इत्यादि भी नदी के आसपास न ले जाएं।

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