
उत्तरकाशी। उत्तरकाशी जिले में शिक्षा व्यवस्था पर शिक्षकों की कमी का ग्रहण लगा हुआ है। बेसिक से लेकर माध्यमिक स्तर तक के स्कूलों में शिक्षकों के 775 पद खाली चल रहे हैं।
शिक्षा को बढ़ावा देने के नाम पर जिले में 769 बेसिक, 275 जूनियर, 52 हाईस्कूल तथा 63 इंटर कालेज हैं। बेसिक स्कूलों में स्वीकृत 1126 पदों के सापेक्ष 938 तथा जूनियर हाईस्कूलों में स्वीकृत 1041 पदों के सापेक्ष 861 शिक्षक कार्यरत हैं। रमसा के तहत 17 जूनियर हाईस्कूलों को उच्चीकृत करने के साथ जिले में हाईस्कूलों की संख्या 52 हो गई है। लेकिन नए स्वीकृत पदों पर नियुक्तियां नही की गई। एलटी के स्वीकृत 1084 पदों के सापेक्ष 829 तथा प्रवक्ता के स्वीकृत 547 पदों के सापेक्ष 395 शिक्षक तैनात हैं।
प्रवक्ताओं में जीव विज्ञान के 20, रसायन के 15, भौतिकी के 14, गणित के 11 और अंग्रेजी के आठ पद खाली हैं। एलटी में भी विज्ञान के 19, गणित के 40 और अंग्रेजी के 42 पद रिक्त हैं।
शिक्षकों की बेतरतीब तैनाती भी समस्या
उत्तरकाशी। जिले के स्कूलों में शिक्षकों की बेतरतीब तैनाती का ये हाल है कि सुविधाजनक विद्यालयों में कम छात्र संख्या पर ज्यादा शिक्षक तथा दुर्गम में ज्यादा छात्रों पर एक-दो शिक्षक ही तैनात किए गए हैं। नौगांव प्रखंड के बेसिक स्कूल बलाड़ी में तो चार छात्रों पर दो शिक्षक तैनात हैं। जबकि डामटा में 200 विद्यार्थी एक शिक्षिका के भरोसे हैं। इसी तरह जूनियर हाईस्कूल डांडागांव में 9 छात्रों पर तीन शिक्षक हैं तो पौंटी में 73 विद्यार्थियों की पढ़ाई एक शिक्षक के भरोसे है। जिले में ऐसे कई उदाहरण मौजूद हैं।
विज्ञान, गणित, अंग्रेजी जैसे महत्वपूर्ण विषयों के प्रवक्ता एवं एलटी के पद रिक्त होने से शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है। सरकारी स्कूलों से मुंह मोड़कर लोग पब्लिक स्कूलों का रुख करने लगे हैं। सरकारी स्कूलों में शीघ्र शिक्षकों की नियुक्ति की जानी चाहिए।
आनंद प्रकाश गौतम, अध्यक्ष पीटीए जीआईसी डुंडा।
शिक्षकों के पद रिक्त होने की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई है। शासन स्तर से नियुक्ति के बाद ही रिक्त पदों पर शिक्षक तैनात किए जा सकते हैं। सितंबर में स्थानांतरण के बाद नवंबर-दिसंबर में मानक के अनुसार शिक्षकों का फेरबदल किया जाएगा।
एसपी सेमवाल, मुख्य शिक्षा अधिकारी उत्तरकाशी।
