

आखिर इनका क्या कसूर था। पत्नी पर शक की वजह से उसे मौत के घाट के उतार दिया। इंसान इस हद तक बर्बरता पर उतर आया है कि वह अपनों की ही जान का दुश्मन बन गया है। इसके लिए हम किसे जिम्मेदार ठहरा सकते हैं। शायद हम खुद ही इसके जिम्मेदार हैं।
संयम नाम का शब्द तो जिंदगी से गायब हो रहा है। कठिन परिस्थितयों में इंसान संयम खो बैठता है और इसी वजह से दरिंदगी पर उतर आता है। रिश्तों में सामजस्य स्थापित करना होगा, ताकि आने वाली पीढिय़ां नफरत की इस आग में झुलसने से बच सके और भाईचारा बना रहे और एक नए युग का सूत्रपात हो सके।

जहां बेटी और बाप ने देर रात दम तोड़ दिया। पत्नी की शनिवार सुबह करीब छह बजे पीजीआई में मौत हो गई। जबकि, पांच साल के बेटे की हालत स्थिर है। अपने दामाद के इस कृत्य के बाद उसके पंजाब के रहने वाले ससुर सरदार सिद्धू सिंह व सास नरेंद्र कौर ने नालागढ़ थाने में अपने ब्यान दर्ज करवाए।
