
देहरादून। वन विभाग ने आरक्षित वन भूमि पर कब्जे और साल के पेड़ों को काटने के आरोप में पुलिस महानिदेशक अभियोजन वीरेंद्र सिंह सिद्धू के खिलाफ मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में दो अलग-अलग चार्जशीट दाखिल की हैं। एक में चार और दूसरी में 21 पेड़ काटने का आरोप है। मामले में कोर्ट ने सिद्धू को आठ सितंबर को तलब किया है।
मामला मसूरी डिवीजन कीरायपुर रेंज का है। चार्जशीट में कहा गया है कि सिद्धू ने भारतीय वन अधिनियम 1927 उत्तरांचल संशोधन अधिनियम 2001 की धारा 26 च एवं ज, वन अधिनियम संरक्षण अधिनियम 1980 की धारा 2/3 क के अंतर्गत अपराध किया है। वन विभाग के वरिष्ठ अधिवक्ता एसडी पंत ने कहा कि पुलिस आफिसर्स कालोनी किशनपुर निवासी एवं पुलिस महानिदेशक अभियोजन ने सब रजिस्ट्रार और राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर करोड़ों की सरकारी जमीन को खुर्दबुर्द किया है।
गंभीर अपराध में, मामूली धाराएं
मामले में पुलिस अधिकारी के खिलाफ वन विभाग की ओर से मामूली धाराओं में चार्जशीट दाखिल की गई है। भारतीय वन अधिनियम 1927 उत्तरांचल संशोधन अधिनियम 2001 की धारा 26 च एवं ज के अंतर्गत अधिकतम दो साल की सजा और बीस हजार के अर्थदंड का प्रावधान है। वन विभाग के अधिवक्ता ने कहा कि मामला फर्जीवाड़े का है, लेकिन वन विभाग को 420 आईपीसी के तहत विवेचना का अधिकार नहीं है। जिला प्रशासन और पुलिस को मामले में एफआईआर दर्ज करनी चाहिए।
