चमोली जिले में पांव पसार रहा है एचआईवी

गोपेश्वर। एक छोटी सी भूल आपको मौत के मुंह तक ले जा सकती है। चमोली जिले में चालू वर्ष के नवंबर माह तक एचआईबी पॉजिटिव के 94 मामले आ चुके हैं। इनमें 45 पुरुष, 42 महिला और 7 बच्चे शामिल हैं। 7 पुरुष और 2 महिला की मृत्यु हो चुकी है। इससे भी अधिक चौंकाने वाले मामले एंटी रिट्रो वायरल ट्रीटमेंट (एआरटी) सेंटर देहरादून के हैं। जहां चमोली जिले के अब तक करीब सौ मामले पंजीकृत हो चुके हैं। जहां जिले में वर्ष 2003 में एचआईवी संक्रमित रोगियों की संख्या चार थी, वहीं वर्ष 2013 के नवंबर माह तक 18 पहुंच गई है। एआरटी सेंटर देहरादून में 24 सौ एचआईवी पॉजिटिव मामलों में से करीब सौ मामले अकेले चमोली जिले के हैं।

जिले में एचआईवी पॉजिटिव मामले साल दर साल–
वर्ष पुरुष महिला बच्चे
2008 1 2 1
2009 3 7 1
2010 5 5 1
2011 7 9 2
2012 5 2 0
2013 4 3 2 (नवंबर तक)

निशुल्क दी जा रही है दवा
एआटी (एंटी रिट्रो वायरल ट्रीटमेंट) सेंटर गोपेश्वर के काउंसलर डा. हरीश मैखुरी का कहना है कि एचआईवी पॉजिटिव रोगी के शरीर में वायरस की संख्या टूटकर बढ़ती जाती है। इस स्थिति में वायरस की वृद्धि रोकने के लिए रोगी के उपचार के लिए उन्हें निशुल्क दवाई वितरित की जा रही है।

विश्व एड्स दिवस पर होंगे कई कार्यक्रम
मुख्य चिकित्साधिकारी डा. अजीत गैरोला ने बताया कि विश्व एड्स दिवस के मौके पर आम लोगाें में जागरूकता रुफैलाने के लिए नगर में रैली का आयोजन किया जाएगा। पीजी कालेज में भाषण प्रतियोगिता होगी। एड्स को काबू में करने के लिए जिले में डीएम की अध्यक्षता में एक कॉआर्डिनेशन कमेटी का गठन भी किया गया है।

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