चतुर्थ श्रेणी कर्मियों ने मांगी वर्दी भत्ते में वृद्धि

बिलासपुर। जिला राजकीय चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी संघ ने इस वर्ग के वर्दी भत्ते में वृद्धि की मांग की है। संघ का कहना है कि पिछले कई सालों से वर्दी भत्ते में कोई इजाफा नहीं हुआ है, जबकि महंगाई कई गुना बढ़ गई है। इसके चलते कर्मचारियों में गहरा रोष है। संघ ने वर्दी भत्ते में हर साल दस फीसदी वृद्धि की मांग उठाई है।
संघ के जिला अध्यक्ष अमरनाथ शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में चिकित्सा बिलों के लगातार बढ़ रहे लंबित भुगतान से छुटकारा दिलाने के लिए वेतन के साथ एक हजार रुपये मेडिकल भत्ता देने, 15 मई 2003 के बाद नियमित हुए दैनिक भोगियों की सेवानिवृत्ति की आयु 60 वर्ष करने की मांग उठाई है। इनके अलावा मंडल स्तर पर दफ्तरी व सफाई कर्मी का एक-एक पद स्वीकृत करने, साइकिल भत्ता 50 से बढ़ाकर 300 रुपये करने की मांग भी की जा रही है। सभी चतुर्थ श्रेणी कर्मियों को पंजाब की तर्ज पर मोबाइल व शिक्षा भत्ता देने, मेट के पद पर पदोन्नति के लिए दस वर्ष की शर्त को घटाकर पांच वर्ष करने, मैट्रिक या उससे अधिक शिक्षा प्राप्त कर्मियों को कार्य निरीक्षक पद पर पदोन्नति के लिए 20 फीसदी कोटे का प्रावधान करने की मांग भी उठाई है। जमा दो उत्तीर्ण बेलदारों के लिए लिपिक तथा आईपीएच में कई वर्षों से हेल्पर व सहायक पंप आपरेटर का कार्य कर रहे इस वर्ग के कर्मचारियों को क्रमश: फीटर व पंप आपरेटर बनाने की मांग भी की गई।
कोठीपुरा पशु धन फार्म में 33 कर्मचारियाें का काम महज 13 कर्मचारियों को करना पड़ रहा है। फार्म में लगभग 120 पशु धन की देखभाल करने में परेशानी हो रही है। अस्पताल में चतुर्थ श्रेणी कर्मियों का वर्दी भत्ता बहाल करने की मांग भी की गई। बैठक में संघ के राज्य उपाध्यक्ष रोडाराम, जिला वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेंद्र कुमार, उपाध्यक्ष संतोष कुमार, महासचिव सुखदेव धीमान, सचिव संतोष व कानूनी सलाहकार देवराज कश्यप के साथ ही रोड़ाराम, प्रेमलाल, रतनलाल व संजय आदि ने भाग लिया।

Related posts