चंबा में ग्रामीण प्रौद्योगिकी हस्तांतरण के प्रयास

चंबा। केंद्र सरकार के प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार डा. आर. चिदंबरम ने एनआईटी हमीरपुर में पिछले दिनों ग्रामीण विकास कार्य समूह (रूटैग) के हिमाचल केंद्र का विधिवत उद्घाटन किया। इस उपलक्ष्य पर एक कार्यशाला का भी आयोजन किया गया। इसमें विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में कार्य कर रहे प्रदेश के करीब दो दर्जन एनजीओ आमंत्रित किए गए थे। नव चेतना सोसाइटी के निदेशक पुनीत बख्शी ने बताया कि रूटैग मिशन का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ाने हेतु वहां समस्या वाले क्षेत्रों की पहचान करके उनमें आवश्यक अनुसंधान एवं विकास हस्तक्षेप प्रदान करना है। देश के आईआईटी व एनआईटी के वैज्ञानिकों की सहायता से ग्रामीण परिस्थितियों के अनुसार उनके सीधे प्रयोग हेतु मौजूदा प्रौद्योगिकी का आकार घटाने एवं उनका सरलीकरण करके उनकी गुणवत्ता और दक्षता में सुधार लाना है।
उन्होंने बताया कि इस दौरान जिला चंबा के कृषि क्षेत्र में मक्की का प्रचुर उत्पादन होने के बावजूद जमीनी स्तर पर किसान के पास उसकी प्रोसेसिंग के लिए कोई प्रौद्योगिकी न होने पर चरचा हुई। चंबा में घराट विलुप्त हो रहे हैं। इनकी प्रौद्योगिकी को उन्नत करके उत्पादन बढ़ाया जा सकता है। सूक्ष्म स्तर पर बिजली भी मिलेगी। इस क्षेत्र में आईआईटी देहरादून के वैज्ञानिकों ने उत्तराखंड में बहुत अच्छा काम किया है। खुमानी व दूसरे फलों के सोलर ड्रायर तकनीक द्वारा ड्राई फ्रूट के रूप में तैयार करके पड़ोसी राज्यों में भेजा सकता है। लो कास्ट ग्रेविटी बेस्ड रोप वे, कम कीमत की मिट्टी की ईंटों का उत्पादन तथा सस्ती सोलर लाइट की प्रौद्योगिकी हस्तांतरण की भी मांग रखी गई। चुराह व भरमौर क्षेत्र में ऊन से तैयार की जाने वाली पट्टी को घरेलू स्तर पर ही नरम व साफ करने के लिए प्रौद्योगिकी विकसित करने के लिए विचार-विमर्श किया गया।

Related posts