
चंबा। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह अपने चंबा के दौरे में अपने पुराने अंदाज में नजर आए। उन्होंने रविवार को अंतरराष्ट्रीय मिंजर मेला के समापन से पहले करीब एक दर्जन कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने पूर्व में दिए कालेजों के फंड का ब्योरा मांगा। जब उन्हें सलूणी कालेज का दो करोड़ फंड हमीरपुर ट्रांसफर करने का पता चला तो पहले तो इसकी आलोचना की फिर पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों से इसका जवाब मांगा गया। उन्होंने भाजपा के शासनकाल में निर्माणाधीन चंबा कालेज के फंड का हिसाब किताब भी मांगा। खासतौर पर भाजपा के शासनकाल में निर्माणाधीन कालेज भवन का निरीक्षण किया। सूलणी कालेज का फंड ट्रांसफर करने की जानकारी विधायक आशा कुमारी ने दी। उन्होंने चंबा कालेज के निर्माणाधीन भवन की खामियां भी गिनाईं। उन्होंने पीडब्ल्यूडी के एसई को निर्देश दिए कि कालेज परिसर में चारदीवारी लगाई जाए। साथ ही सुंदर प्रवेश द्वार बनाने को कहा है। उन्होंने ठेकेदार को कमरों की खिड़कियों को बारिश के पानी से बचाने के लिए बनाए गए छज्जों पर ड्रेनेज सिस्टम से जोड़ने को कहा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री से बजट की मांग भी की गई तो उन्होेंने उचित बजट मुहैया करवाने का आश्वासन दिया। इसके अलावा उन्होंने ठेकेदार को इसका निर्माण जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कालेज के कमरों से लेकर लैब तक के बारे में बारीकी से जानकारी हासिल की।
युकां वर्करों पर बनाए केस वापस होंगे
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को जब जिला युकां अध्यक्ष शिवांक शर्मा ने बताया कि पूर्व सरकार के समय युकां व एनएसयूआई वर्करों पर राजनीतिक आधार पर बनाए गए मुकदमे अभी भी चल रहे हैं तो मुख्यमंत्री ने ऐसे मुकदमों की डिटेल मुहैया करवाने को कहा। उन्होंने आश्वासन दिया है कि राजनीतिक आधार पर बनाए गए मुकदमे वापस लिए जाएंगे। शिवांक ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री धूमल के विरोध में पुतला फूंकने पर भी उनके खिलाफ मुकदमे बनाए गए हैं।
