चंडीगढ़ में हिमाचली अफसर लगाने पर नया दांव

शिमला। केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में हिमाचल के प्रशासनिक अफसरों की तैनाती पर केंद्र सरकार ने जिम्मेदारी प्रदेश सरकार पर डाल दी है। हमीरपुर से सांसद अनुराग ठाकुर के सवाल पर केंद्रीय गृह राज्यमंत्री मुल्लापल्ली रामचंद्रन ने लोकसभा में लिखित जवाब दिया है कि पंजाब पुनर्गठन अधिनियम 1966 में प्रतिनियुक्ति पर भरे जाने वाले पदों का अनुपात या प्रतिशतता निर्धारित नहीं की गई है। गृह मंत्रालय ने हिमाचल सरकार की ओर से यह मसला उठाए जाने के बाद इसे चंडीगढ़ प्रशासन को भेज दिया था।
चंडीगढ़ प्रशासन ने अधिनियम में इस तरह के नियम का पता लगाने के लिए हिमाचल सरकार को लिखा है। इसमें ये भी बताया गया है कि हिमाचल के प्रशासनिक अफसरों की ओर से चंडीगढ़ प्रशासन में भरे जाने वाले पदों का हिस्सा दिया गया है। केंद्रीय मंत्री ने बताया है कि हिमाचल सरकार ने इस बारे में चंडीगढ़ प्रशासन को अभी तक सूचना नहीं दी गई है। एक अन्य सवाल के जवाब में कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय के राज्यमंत्री तारिक अनवर ने बताया कि हिमाचल में एमआईएस के तहत खरीदे गए श्रेणी सी के सेब की राशि का भुगतान इसलिए नहीं किया जा सका है, क्योंकि राज्य सरकार ने इस बारे में मांगे गए कुछ स्पष्टीकरणों का जवाब नहीं दिया है। यह राशि क्रमश: 4.91 करोड़, 46.36 लाख और 1.17 करोड़ रुपये है।

Related posts