घोटाले में एक और गिरफ्तारी, 1900 स्थानों पर छापे, 12 डीलरों के लाइसेंस रद्द

चंडीगढ़/लुधियाना

प्रतीकात्मक तस्वीर
डीजीपी ने पूरे राज्य में जांच के लिए बनाई राज्यस्तरीय एसआईटी
लुधियाना की एसआईटी का काम भी नई एसआईटी को सुपुर्द

बीजों की गैर-कानूनी और अनधिकृत बिक्री पर कार्रवाई करते हुए लुधियाना जिला प्रशासन ने पुलिस और कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर बीज डीलरों के कुल 1900 स्थानों पर छापे मारे। इस दौरान 12 डीलर अनधिकृत बीज बेचते हुए पाए गए। उनके लाइसेंस रद्द करने के बाद स्टोर सील कर दिए गए। इन सभी डीलरों के खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा। इस बीच, मंगलवार को बीज घोटाले में एक और व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।

वहीं, पंजाब के डीजीपी दिनकर गुप्ता ने किसानों को नकली बीज बेचने के मामले की तह तक जाने के लिए राज्यस्तरीय विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया है। उन्होंने बताया कि एडीजीपी पंजाब ब्यूरो ऑफ इंवेस्टिगेशन (पीबीआई) और राज्य अपराध रिक\र्ड ब्यूरो (एससीआरबी) नरेश अरोड़ा के नेतृत्व में यह नई एसआईटी अब तक लुधियाना की एसआईटी की तरफ से की गई जांच को अपने हाथों में लेगी।
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एसआईटी के अन्य सदस्यों में आईजीपी (क्राइम) नागेश्वर राव, पुलिस कमिश्नर (लुधियाना) राकेश अग्रवाल, संयुक्त डायरेक्टर (कृषि) सुखदेव सिंह और डिप्टी कमिश्नर पुलिस (लॉ एंड आर्डर) लुधियाना अश्वनी कपूर शामिल हैं। यह एसआईटी एडीजीपी-कम-डायरेक्टर ब्यूरो ऑफ इंवेस्टिगेशन पंजाब की निगरानी में काम करेगी।

जिसे परखने को बीज दिए, उसने फसल उगाकर आगे बीज बेचे
डीजीपी ने बताया कि बीज कंट्रोल ऑर्डर कानून की धाराओं 3, 8, 9, जरूरी वस्तुएं कानून की धाराओं 2, 3, 7 और आईपीसी की 420 के तहत मुख्य कृषि अफसर की शिकायत पर केस दर्ज किया गया है। गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान बलजिंदर सिंह उर्फ बालीआं निवासी भूंदड़ी जिला लुधियाना के तौर पर हुई है।

बीज घोटाले में यह दूसरी गिरफ्तारी है। इस पहले हरविंदर सिंह उर्फ काका बराड़ को गिरफ्तारी किया गया था। बलजिंदर सिंह जगराओं में 34 एकड़ जमीन का मालिक है और पीएयू (पंजाब कृषि विश्वविद्यालय) द्वारा गठित किसान एसोसिएशन का सदस्य है। यह एसोसिएशन किसानों को नए बीज व तकनीकों संबंधी जानकारी देती है।

नए बीज की पैदावार के नतीजों का मूल्यांकन करने के लिए उसे परखने के लिए धान के नए विकसित बीज पीआर-128 और पीआर-129 दिए। उसने चोरी छिपे इसके अतिरिक्त बीज तैयार किए और उन्हें बराड़ बीज स्टोर को बेच दिए। यह गैर कानूनी था क्योंकि केंद्रीय बीज नोटीफाइड कमेटी ने अभी इसे प्रमाणित भी नहीं किया था।

पंजाब कृषि विश्वविद्यालय को भी अपना प्रोटोकाल बदलने के निर्देश
पीएयू (पंजाब कृषि विश्वविद्यालय) को अपना प्रोटोकाल बदलने के लिए कहा गया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि भविष्य में कोई भी व्यक्ति अनाधिकृत तौर पर परख अधीन बीज खरीदने और आम लोगों को बेचने के योग्य न हो सके।

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