
उत्तरकाशी। लोनिवि निर्माण खंड द्वारा आपदा के बजट में किए गए घोटाले की जांच में पुष्टि के बाद भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। जिससे कई सवाल उठ रहे हैं। पिछले महीने एसडीएम डुंडा की जांच में अधिशासी अभियंता द्वारा अड़सठ लाख से अधिक की हेराफेरी की पुष्टि की गई थी।
वर्ष 2010 की आपदा में चिन्यालीसौड़ प्रखंड के कई मोटर मार्ग क्षतिग्रस्त हुए थे। इन्हें दुरुस्त कराने के नाम पर लोनिवि निर्माण खंड जोशियाड़ा ने आपदा मद के बजट में जमकर गोलमाल किया। अमर उजाला द्वारा तमाम गड़बड़ियां उजागर करने तथा श्रीकोट के ग्रामीणों की शिकायत पर डीएम ने इस मामले की जांच एसडीएम डुंडा को सौंपी थी। जिसमें एसडीएम ने विभाग के ईई पर वायरक्रेट खरीद में 26,71,900 तथा डेलीनेटर खरीद में 40,83,000 रुपये की हेराफेरी की पुष्टि की। उन्होंने ईई के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की संस्तुति करते हुए जांच रिपोर्ट 22 मई को डीएम को सौंप दी थी।
डीएम डा.आर.राजेश कुमार ने 29 मई को ईई जेपी गुप्त को आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा था। इस नोटिस में अधिनियम के तहत सजा एवं अर्थदंड की चेतावनी भी दी गई थी। एक पखवाड़ा बीतने के बाद भी इस मामले में कोई कार्रवाई न होने पर अब सवाल उठने लगे हैं।
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लोनिवि निर्माण खंड जोशियाड़ा में हुए घोटाले पर लीपापोती की जा रही है। न तो विभागीय जांच में कोई कार्रवाई नहीं हुई और अब प्रशासनिक जांच में पुष्टि के बावजूद कार्रवाई न होने से इस पूरे प्रकरण पर सवाल उठ रहे हैं।- बुद्धि सिंह पंवार, संयोजक लोक सेवक संघ।
संबंधित ईई से स्पष्टीकरण मांगा गया था। उन्होंने स्पष्टीकरण दिया है, लेकिन मैंने अभी इसका अध्ययन नहीं किया है। जवाब संतोषजनक न होने पर इस मामले में न्यायसंगत कार्रवाई की जाएगी।- डा.आर.राजेश कुमार, डीएम उत्तरकाशी।
