घुसपैठ की ताक में पाक आतंकी, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

घुसपैठ की ताक में पाक आतंकी, सुरक्षा एजेंसियां सतर्क

चंडीगढ़
पंजाब के अधिकांश किसानों के ट्रैक्टर परेड के लिए दिल्ली कूच के बाद अब गांव महिलाओं के भरोसे हो गए हैं। इसका फायदा पड़ोसी घुसपैठिए उठाने की फिराक में हैं। सुरक्षा एजेंसियां आतंकियों की घुसपैठ की आशंका को लेकर पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ को लेकर अलर्ट मोड पर आ गईं हैं। सुरक्षा के मद्देनजर पंजाब के सीमावर्ती इलाकों में नाकों की संख्या भी बढ़ा दी गई है। पंजाब के सभी जिलों में पठानकोट क्षेत्र को सबसे संवेदनशील माना जा रहा है।

कृषि कानूनों के विरोध में 26 जनवरी को दिल्ली में होने वाले ट्रैक्टर परेड के लिए पंजाब से लगभग 500000 लाख किसान ट्रैक्टर के साथ दिल्ली कूच कर गए हैं। इससे पंजाब के अधिकांश गांव खाली पड़े हैं। किसानों की ट्रैक्टर परेड और 26 जनवरी को लेकर सीमा पार के घुसपैठिए इस मौके को भुनाने की फिराक में हैं। सूबे की सुरक्षा एजेंसियां और आईबी को पंजाब में घुसपैठ के कुछ महत्वपूर्ण सुराग हाथ लगे हैं। इससे पहले भी किसान आंदोलन का फायदा उठाने के घुसपैठियों द्वारा प्रयास किए गए, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों के अलर्ट मोड पर होने से वह नाकाम हो गए। अब एक बार फिर सुरक्षा एजेंसियों को घुसपैठ की सूचनाएं मिल रही हैं। 

पंजाब के गुरदासपुर, पठानकोट, अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर और फाजिल्का में सुरक्षा एजेंसियां बेहद सतर्क हो गई हैं। साथ ही पंजाब के अलावा पड़ोसी राज्य हरियाणा और चंडीगढ़ की पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां भी सतर्क हो गई हैं। हरियाणा और चंडीगढ़ में एहतियातन पुलिस कर्मियों सहित खुफिया विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं।

पंजाब का पठानकोट बेहद संवेदनशील
सीमापार से होने वाली घुसपैठ को लेकर पठानकोट जिले को बेहद संवेदनशील घोषित किया गया है। यहां पर स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) की एक विशेष टीम को बुलाया गया है। साथ ही जिले के संवेदनशील स्थानों पर 500 अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार सीमावर्ती क्षेत्रों में नाकों की संख्या भी बढ़ा दी गई है।

छह महीने में चार से अधिक बार हो घुसपैठ की कोशिश
सीमापार से होने वाली घुसपैठ की छह माह में चार से अधिक बार आतंकी कोशिश कर चुके हैं। पिछले कुछ साल के आंकड़ों को देखें तो 2015 में 28-30, 2016 में 13-15, 2017 में सात, 2018 में 16-18 और 2019 में 3 बार घुसपैठ और संदिग्ध देखे जा चुके हैं। 

सुरक्षा के मद्देनजर एसओजी की एक टीम को बुलाया गया है। 500 पुलिसकर्मियों को जिले के संवेदनशील स्थानों पर अलग-अलग तैनात किया गया है। सीमावर्ती क्षेत्रों में नाकों की संख्या बढ़ा दी गई है। कठुआ में सुरंग मिलने के बाद बीएसएफ और पंजाब पुलिस के घातक कमांडो द्वारा एक संयुक्त एंटी टनल सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
– गुलनीर सिंह खुराना, एसएसपी, पठानकोट

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