
नूरपुर (कांगड़ा)। भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) ने पौंग बांध के फ्लड गेट एक फुट तक नीचे कर दिए हैं। हालांकि, मंगलवार को भी लगातार छठे दिन बांध से 29902 क्यूसिक पानी छोड़ा गया। जबकि पौंग बांध में 44182 क्यूसिक पानी की आमद के साथ जलस्तर 1382.77 फुट तक पहुंच गया। इससे पहले मंगलवार को दिनभर करीब 1.91 फुट तक सभी छह फ्लड गेट खुले रहे, लेकिन शाम चार बजे फ्लड गेटों को करीब एक फुट तक कर दिया गया। उधर, पौंग बांध से ब्यास दरिया में छोड़े जा रहे पानी की मात्रा कम होने के बाद अब मंड क्षेत्र में बाढ़ से अस्त-व्यस्त जिदंगी धीरे-धीरे पटरी पर लौटने लगी है।
पौंग की बाढ़ से रिहायशी इलाकों को छोड़कर सुरक्षित स्थानों के लिए पलायन करने वाले लोग पानी उतरने के बाद अपने घरों में लौट आए हैं। लेकिन मंड क्षेत्र में बाढ़ के चलते कई सड़कों के बहने व संपर्क मार्गों के बंद होने से लोगों को खासी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। इनमें पराल-मंड भोग्रवां-हलेड़ संपर्क पर अभी भी वाहनों की आवाजाही ठप पड़ी है। जबकि ठाकुरद्वारा-पराल सड़क मार्ग के बंद होने से ग्रामीणों को वाया बैली ब्रिज के रास्ते 20 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ रहा है। इस तरह त्यौड़ा-मंड मियानी संपर्क मार्ग के कटने से लोगों को वाया बसंतपुर 10 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर तय करना पड़ रहा है। जबकि रियाली से बडूखर जाने के लिए ग्रामीण वाया हाजीपुर से करीब 40 किलोमीटर लंबा सफर करने को मजबूर हैं। वहीं, पौंग के पानी से रियाली पंचायत के गांव रियाली, वेला ठाकरां, बेला लुदियारचां, भादपुर व डूहग गांवों में अभी भी बिजली की आपूर्ति ठप पड़ी है।
