घर-घर गूंजेंगे शहीदों की शहादत के तराने

धर्मशाला। शहीदों की शहादत पर बुने तराने अब घर-घर गूंजेंगे। सरकार या प्रशासन जो नहीं कर सका उसे अब संगीतकार व प्रोफेसर सतीश ठाकुर ने करने की ठानी है। सतीश ठाकुर कांगड़ा के सात शहीदों पर गाने लिख रहे हैं जिन्हें वह सीडी में रिकार्ड कर जल्द ही लांच करने जा रहे हैं। सतीश ठाकुर कारगिल शहीदों से लेकर स्वतंत्रता सेनानी व देश के लिए प्राण न्योछावर करने वाले सात योद्धाओं को कुर्बानी को लड़ीवार पिरोया है। प्रो. सतीश जल्द ही इन गानों को अंतिम रूप देने जा रहे हैं, जो प्रदेश में एक अनोखी पहल होगी। अभी तक किसी भी कलाकार ने अपने बूते शहीदोें को समर्पित एलबम नहीं बनाई है। देश भक्ति का जज्बा रखने वाले प्रो. ठाकुर धर्मशाला कालेज में प्राध्यापन कार्य कर रहे हैं। उन्होंने सभी गीत स्वयं लिखे हैं व संगीत व स्वर भी खुद ही दिया है। इतना ही नहीं अब इन गानों की रिकार्डिंग भी वह अपने खर्चे पर करने जा रहे हैं। उन्होंने कारगिल शहीद विक्रम बतरा, सौरभ कालिया, स्वतंत्रता सेनानी दुर्गा मल, दल बहादुर, महाराणा प्रताप की कुर्बानी को नमन करते हुए गाने लिखे हैं। इनमें से दुर्गा मल व दल बहादुर पर सतीश ठाकुर अपनी रचनाओं को मूर्त रूप दे चुके हैं। जबकि अन्य शहीदों व स्वतंत्रता सेनानियों पर वह गाने तैयार करने में जुटे हुए हैं
पिता और दादा से मिली प्रेरणा
प्रो. सतीश ठाकुर का कहना है कि उनका देश के प्रति लगाव ही उन्हें ऐसा करने के लिए प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि उनके पिता व दादा सेना से सेवानिवृत्त हुए हैं। उनसे उन्हें देशभक्ति का जज्बा मिला। उन्होंने कहा कि उन्होंने पांच शहीदों व स्वतंत्रता सेनानियों पर रचनाएं पूरी कर ली हैं। दो अन्य शहीदों पर भी वह गाने लिखेंगे तथा कुल सात शहीदों व सेनानियों पर एक सीडी तैयार करेंगे। उनका कहना है कि शहादत की इस सीडी को पहले वह ऑडियो तथा बाद में इसका वीडियो भी बनाएंगे।

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