घर उजाड़कर फोरलेन मंजूर नहीं

सोलन। जिला के लोगों को अपने घर उजाड़कर फोरलेन की सुविधा मंजूर नहीं है। लोगों ने चेताया है कि अगर सरकार नेशनल हाइवे आथोरिटी को सर्वे बदलने के लिए राजी करती है तो ठीक होगा, अन्यथा इस प्रस्ताव का पुरजोर विरोध होगा। लोग घरों से निकलकर सड़कों पर डेरा जमा लेंगे और अपने पुश्तैनी घरों को कतेई उजड़ने नहीं देंगे। शिमला-कालका-परवाणू फोर लेन के जद में आने वाले विस्थापितों ने मंगलवार को इस संबंध में अपनी कड़ी प्रतिक्रिया जाहिर की है।
एसडीएम कोर्ट में आपत्तियां दर्ज करवाने के बाद ब्रुअरी के संदीप गुप्ता और कमलेश शर्मा ने कहा कि वे विकास का विरोध नहीं करते हैं, लेकिन जिन आशियानों को उजाड़कर विकास की गाथा लिखी जानी है, वे उसका विरोध करते हैं। मंगलवार को एसडीएम कोर्ट में करीब 70 लोगों की सुनवाई थी। सोलन, बाइपास, चंबाघाट, ब्रुअरी और सलोगड़ा क्षेत्र के लोगों की सुनवाई का दिन मंगलवार था।
अधिकांश लोगों ने फोरलेन सर्वे का पूर्ण विरोध जताते हुए आपत्तियां दर्ज करवाईं। इस मौके पर राम स्वरूप शाह, पुष्प देव शर्मा, कली राम, प्रकाश, कैलाश चंद, संदीप गुप्ता, रवि गुप्ता, कमलेश सूद, धीरज सूद, हेमराज सूद, निर्मला, राकेश सूद और मनीष राम मौजूद रहे। उन्होंने दावा किया गया कि इस कवायद से संबंधित क्षेत्र में करीब हजार से अधिक लोग प्रभावित होंगे। वहीं 500 घरों और दुकानों पर कार्रवाई होगी। जिसे कतेई सहन नहीं किया जाएगा। इस संबंध में एसडीएम सोलन टशी संडूप ने कहा कि आपत्तियाें की सुनवाई का पहला दिन था। रिपोर्ट एनएच आथोरिटी आफ इंडिया को सौंप दी जाएगी।

दो दिन इन क्षेत्रों की सुनवाई
17 अप्रैल- कथोग, पड़ग, ढढोग, कोठों, मनसार
18 अप्रैल- क्यारीघाट, कैथलीघाट और कंडाघाट

सुझाव
1- फोर लेन सर्वे चेंज किया जाए
2- मकान जमीन का बंदोबस्त हो
3- रोजगार उजड़े तो मुहैया भी हो
4- पिंजौर-कालका बाजार को बचाने वाला पैटर्न
5- पेयजल स्रोत उजड़ने से भी बचें

आपत्ति
1- 500 घर और दुकानें उजड़ने पर
2- 45 मीटर फोरलेन की चौड़ाई
3- रेलवे ओवरब्रिज में 37.5 चौड़ाई
4- एनएच से जुड़ने वाले लिंक मार्ग की सीधी कनेक्टिविटी नहीं रहेगी
5- पैदावार मार्केट में कैसे पहुंचेगी

23 किमी हिस्सा सोलन जिला से
जिला सोलन की 23 किमी भूमि में शिमला-कालका फोरलेन का निर्माण होना है। वहीं 27 किमी भूमि शिमला जिला से संबंधित है। यदि कार्रवाई हुई तो 5000 से 7000 तक की आबादी के घर और दुकानें उजड़ेंगी। इसमें मुख्यत: धर्मपुर, कुमारहट्टी, चंबाघाट, ब्रुअरी, कंडाघाट, कैथलीघाट और क्यारी घाट का हिस्सा आएगा।

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