
देहरागोपीपुर (कांगड़ा)। परागपुर ब्लाक में मनरेगा की राशि में हुए घपले के मामले में बीडीओ परागपुर ने आरोपी अनुबंध कर्मचारी को उसकी सेवाएं समाप्त करने का नोटिस जारी कर दिया है। नोटिस के जरिए आरोपी कर्मचारी को कहा गया है कि बीडीसी की बैठक में सर्वसम्मति से यह फैसला लिया गया है कि मनरेगा राशि में घपले के आरोप के बाद उनकी अनुबंधित सेवाएं समाप्त की जा रही हैं। सेवाएं समाप्त करने से पूर्व एक माह का नोटिस दिया जाना जरूरी है। इसके तहत आरोपी कर्मचारी को नोटिस जारी किया गया है।
बीडीओ कार्यालय परागपुर में एक अनुबंध कर्मचारी नेबीडीओ के जाली हस्ताक्षर करके मनरेगा की राशि हड़प ली थी। मौजूदा बीडीओ ने पूर्व के कई कर्मचारियों द्वारा किए स्कैम को एक जांच के दौरान पकड़ा है। उच्चाधिकारियों को शिकायत मिलने के बाद विभागीय जांच करवाई गई। जांच में गड़बड़ियों का पता चला और उसके बाद शिकायत दर्ज हुई। मनरेगा की राशि पूर्व में कार्यरत दो बीडीओ और बीडीओ का कार्यभार संभाल रहे एक अधीक्षक के फर्जी हस्ताक्षर करके चेकों के जरिए राशि निकाली गई। जिन चेकों पर फर्जी हस्ताक्षर किए गए थे, वे सभी विभिन्न पंचायतों में तैनात कुछ तकनीकी सहायकों के नाम से जारी हुए थे। लेकिन आरोपी कर्मचारी ने तकनीकी सहायकों के नाम से जारी चेकों की राशि को बैंक से निकाल लिया।
डेढ़ माह पहले शुरू हुई गड़बड़
परागपुर ब्लाक में यह गड़बड़ करीब डेढ़-दो साल पहले शुरू हो गई थी। बताया जा रहा है कि मनरेगा के लिए मिले करोड़ों की राशि में यह घपला करीब 25-30 लाख का है। लेकिन घोटाले की सही राशि का पता जांच के बाद ही पता चल पाएगा। बीडीओ एकता काप्टा ने आरोपी अनुबंधित कर्मचारी को नोटिस जारी किए जाने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि बीडीसी की बैठक में सर्वसम्मति से आरोपी कर्मचारी की सेवाएं समाप्त करने का फैसला किया गया है। उसके बाद नोटिस जारी किया गया है। उधर, डीएसपी बीडी भाटिया ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है और संबंधित बैंक से रिकार्ड लेकर जांच जारी है
