घनसाली फीडर से जुड़ेंगे लमगौंडी, गुप्तकाशी

रुद्रप्रयाग। जिला प्रशासन ने जिले में विद्युत आपूर्ति सुधारने की हिदायत ऊर्जा निगम को दी है। जिलाधिकारी दिलीप जावलकर ने निगम के ईई को अनियमित रोस्टिंग की समस्या दूर करने और केदारघाटी के बांगर, गौरीगांव, मुंडकटिया गांव में शीघ्र विद्युत आपूर्ति सुचारु करने के निर्देश दिए हैं। श्रीनगर-रुद्रप्रयाग के बीच छातीखाल में भूस्खलन की समस्या को देखते हुए डीएफओ के साथ संयुक्त सत्यापन कर पेड़ों के कटान के निर्देश दिए हैं।
16, 17 जून की आपदा से जिले के अधिकांश हिस्सों में विद्युत आपूर्ति ठप हो गई थी। अभी भी कुछ इलाकों में लोग अंधेरे में हैं। जिन क्षेत्रों में आपूर्ति बहाल हुई भी है, वहां दिनभर बिजली गुल हो रही है। 24 घंटे में कुछ ही घंटे बिजली के दर्शन हो रहे हैं।
रुद्रप्रयाग से ऊखीमठ सब स्टेशन जा रही 33 केवी विद्युत लाइन अभी तक दुरुस्त नहीं हो पाई है। इसके चलते पोखरी फीडर से केदारघाटी को विद्युत सप्लाई हो रही है। लंबी लाइन होने से घाटी में विद्युत आपूर्ति नियमित नहीं हो पा रही है। समस्या से निपटने के लिए डीएम ने गुप्तकाशी और लमगौंडी क्षेत्र को घनसाली फीडर से जोड़ने का सुझाव दिया है। ताकि विद्युत लाइनों पर अधिक भार न पडे़। डीएम जावलकर ने बताया कि संगोट गांव से डुंगर गांव तक तीन किलोमीटर लंबी विद्युत लाइन का कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश निगम को दिए गए हैं।
अधिशासी अभियंता पवन कुमार ने बताया कि भूस्खलन से लाइन क्षतिग्रस्त हो रही है। पिछले दिनों विद्युत तार में पेड़ गिरने, पिंगला पानी गदेरे में डबल पोल के गिरने से ऊखीमठ क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति ठप हो गई थी। अब आपूर्ति बहाल कर दी गई है।

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