
कोटखाई (शिमला)। क्षेत्र में करीब दो हजार लोग दूषित पानी पीने के लिए मजबूर हैं। दूषित पानी की आपूर्ति के चलते भीषण गर्मी में लोगों को गंभीर बीमारी की चपेट में आने का खतरा बना हुआ है। हालांकि, क्षेत्र के लोगों ने कई बार आईपीएच विभाग से इसकी शिकायत की। लेकिन, इसके बावजूद विभाग ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की।
क्षेत्र के लोगों में अमित चौहान, प्रमोद चौहान, अनिल शर्मा, अखिल चौहान, निखिल चौहान, ज्ञान चौहान, जगदीश शर्मा, राकेश शर्मा, मुलक राज, देविंद्र चौहान और काकू चौहान ने बताया कि इंजीनियरिंग कालेज गुम्मा के पास से पानी लिफ्ट किया जा रहा है, वहां गंदगी का आलम है। इससे क्षेत्र में रोगों के फैलने का खतरा बना हुआ है। हालांकि, इसके बारे में कई बार विभाग के उच्च अधिकारियों को भी सूचना दी गई है, लेकिन इसके बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इधर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोटखाई में तैनात चिकित्सक डा. धरुव ने बताया कि गंदा पानी पीने से पेट के रोग और पीलिया जैसे भयानक रोगों की चपेट में लोग आ सकते हैं। इस बारे में गुम्मा स्थित आईपीएच विभाग के सहायक अभियंता राविंद्र चौहान ने बताया कि मुख्य स्रोत में पानी न होने के कारण लोगों के आग्रह पर सिंचाई का पानी लोगों के लिए आपूर्ति किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि फिल्टर लगाने के लिए उच्च अधिकारियों को सूचना दी गई है1
