
बैजनाथ (कांगड़ा)। सेहल गांव में विद्युत परियोजना के प्रबंधन के खिलाफ रोष जताते हुए स्थानीय लोगों ने प्रोजेक्ट के पानी की आपूर्ति को पूर्ण रूप से बंद कर दिया है। पानी छोड़े जाने के प्वाइंट पर मौजूद करीब 150 ग्रामीण उनकी मांगों को अरसे से पूरा न करने से खफा हैं।
पंचायत प्रधान रविंद्र कुमार शर्मा, वार्ड पंच स्वरूप अवस्थी, हिंदु राम, गीता, श्रवण, राजमल, मुलख राज, देव राज, ज्ञान सिंह, वीर सिंह व राजेश आदि का कहना है कि 2001 में पंचायत से ली गई एनओसी के समय ग्रामीणों के साथ किए गए समझौते के अनुरूप प्रोजेक्ट प्रबंधन कार्य करने में असफल रहा है। आरोप लगाया कि कई मर्तबा हुई बैठकों की भी अनदेखी हुई है। रविंद्र ने कहा कि 18 मार्च को एसडीएम कार्यालय में प्रोजेक्ट प्रबंधन के साथ बैठक में प्रबंधन से कोई भी शामिल नहीं हुआ। हालांकि 28 मार्च को प्रबंधन के प्रतिनिधि मौके पर आए, लेकिन बैठक से नदारद रहे। इस पर तीन अप्रैल को एसडीएम ओपी ठाकुर ने ग्रामीणों की मांगों संबंधी दस्तावेज जिलाधीश को भेज दिया। रविंद्र कुमार का कहना है कि प्रबंधन ने 2007 से लाडा का पैसा तक जमा नहीं करवाया है। उन्होंने कहा कि समझौते के तहत उधमी के घर से संसाल रोड तक की नहर को अंडर ग्राउंड करने, स्पील-वे को ठीक करने, कूहल पर जाला लगाने, निर्माण के समय क्षतिग्रस्त हुई कूहलों, डंगों व पुलियों की मरम्मत करवाने की बात हुई थी। पानी के रिसाव के कारण पंचायत घर व सोसायटी के भवन व 15 किसानाें की भूमि को नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता, वह पानी की आपूर्ति को बंद रखेंगे।
एसडीएम ओपी ठाकुर ने बताया कि प्रबंधन बैठकों से नादारद रहा है। एसडीएम ने कहा कि वह समस्या के समाधान के लिए प्रयासरत हैं।
