
हल्द्वानी। मटन खाने के शौकीन लोगों को जल्द ही साफ सुथरा और जांचा परखा मांस मिलेगा। गौलापार बाईपास में अब अत्याधुनिक स्लाटर हाउस बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। स्लाटर हाउस निर्माण के लिए लखनऊ की एक एजेंसी से अनुबंध होने के बाद नगर निगम ने डीपीआर तैयार कर ली है। स्लाटर हाउस परिसर में मीट मार्केट भी खोली जाएगी।
गौलापार बाईपास में स्लाटर हाउस बना हुआ है। नियमित सफाई और पर्याप्त जगह नहीं होने से वहां गंदगी रहती है। स्लाटर हाउस में कटने वाले पशुओं का चिकित्सकीय परीक्षण भी नहीं होता है। शहर और ग्रामीण इलाकों में दर्जनों मटन की दुकानें हैं। मटन विक्रेता खुद ही बकरों को काटते हैं। कई दुकानों में बकरों की आड़ में भेड़ कटती हैं। भुने मांस की बिक्री प्रतिबंधित है लेकिन चेकिंग नहीं होने से खुलेआम भुना मांस बिकता है, जिससे बीमार होने का खतरा बना रहता है। हल्द्वानी जैसा हाल प्रदेश और देश के दूसरे शहरों का भी है।
भारत सरकार देशभर में स्लाटर हाउसों का आधुनिकीकरण करने जा रही है। पहले चरण में देश के कई प्रमुख शहरों को चिह्नित किया गया है, इनमें हल्द्वानी भी शामिल है। मुख्य नगर अधिकारी आरडी पालीवाल के मुताबिक हल्द्वानी के गौलापार स्थित स्लाटर हाउस के आधुनिकीकरण की डीपीआर तैयार हो गई है। वर्तमान स्लाटर हाउस के भूमि का क्षेत्रफल बढ़ाया जाएगा। इसके लिए वन विभाग से 1.7 एकड़ भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। स्लाटर हाउस निर्माण के लिए लखनऊ की एजेंसी से अनुबंध हो गया है। निर्माण में 22 करोड़ की लागत आएगी। मुख्य नगर अधिकारी के मुताबिक स्लाटर हाउस में पशुओं की चिकित्सकीय जांच के बाद ही उन्हें काटा जाएगा। वहां मटन मार्केट भी बनाई जाएगी। स्लाटर हाउस में कटने वाले पशुओं के अपशिष्ट से जैविक खाद तैयार होगी। इससे नगर निगम की अतिरिक्त आमदनी होगी।
