
खटीमा। दो सप्ताह से अधिक दिनों तक चले गौरा माहेश्वर के कार्यक्रमों का ज्वाला देवी मंदिर परिसर पर बड़ी संख्या में एकत्रित मातृ शक्ति की मौजूदगी में विधिवत विसर्जन किया गया। इस दौरान महेश्वर के साथ गौरा को ससुराल विदा करने के साथ ही उनका झोड़ा चांचरी के साथ ही विसर्जन किया गया।
कालेज रोड आदर्श कालोनी स्थित मां ज्वाला देवी मंदिर परिसर पर लगातार दो सप्ताह से अधिक दिनों तक गौरा माहेश्वर की बाल लीलाओं के कार्यक्रम आयोजित किए गए। नगर एवं आस पास की महिलाएं मैय्या की पुजारिन उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी शांति ज्याला के नेतृत्व में परंपरागत परिधानों में कुमाऊंनी संस्कृति के पूरक अनेक कार्यक्रम संपन्न कराए। मातृ शक्ति सदियों की परंपरा नारी के ससुराल में होने वाली परेशायिों को उजागर करना चाहती थी। महिलाएं त्वे कैले दे छ: सौ जानि कै खौनु, मैं बाज्यूल दे छह सौ जानि कै खौनु, आदि कुमाऊँनी गीतों पर महिलाएं झूम उठी। कार्यक्रम का समापन गौरा माहेश्वर की प्रतिमाओं के विसर्जन कर किया गया। कार्यक्रम में तुलसी धौनी, पार्वती धौनी, भागीरथी जोशी, गोविंदी कन्याल, पूजा जोशी, इंदिरा धामी, कौशल्या बोरा, पुष्पा खोलिया आदि महिलाओं ने सिरकत की। कार्यक्रम के अंत में श्रीमती ज्याला ने उपस्थित भीड़ का आभार व्यक्त किया।
