
दुगड्डा। शहर में घूम रहे आवारा पशुओं से जनता को निजात दिलाने के लिए अब नगर पालिका ने पहल की है। गोवंश संरक्षण के लिए किसी संस्था को जिम्मेदारी दी जाएगी। नगर पालिका इसके लिए संस्था को एक वर्ष के लिए एक लाख रुपये देगी।
नगर क्षेत्र में आवारा जानवरों से लोगों को बहुत परेशानी होती है। कई बार ये जानवर वाहनों की चपेट में भी आ जाते हैं। इनके संरक्षण के लिए काफी समय से मांग चली आ रही है। नगर पालिका के पास भी जगह की कमी है। नगर में कांजी हाउस भी नहीं है। अब नगर पालिका इससे निजात दिलाने के लिए ठोस कदम उठाने जा रही है। योजना के हिसाब से किसी संस्था को इसका जिम्मा सौंपा जाएगा। उसको एक वर्ष में एक लाख रुपये के हिसाब से पैसा दिया जाएगा। यह योजना धरातल पर उतरी तो नगर में आवारा पशुओं के विचरण पर अंकुश लग सकेगा।
लाइसेंस बनाने होंगे
नगर पालिका ने क्षेत्र में पशुपालकों के लिए भी लाइसेंस बनवाने के निर्देश दे दिए हैं। नगर क्षेत्र में खुले आम विचरण करने वाले जानवरों पर पाबंदी लगा दी है। कोई भी पशुपालक अपने जानवरों को बाजार में नही छोड़ेगा।
बोर्ड की बैठक में प्रस्ताव पारित हुआ है। जिसमें एक वर्ष तक पशुओं को संरक्षण केंद्र तक पहुंचाने आदि के व्यय के लिए एक लाख का बजट स्वीकृत हुआ है। सड़कों में घूमने वाले गोवंश को शीघ्र संरक्षण केंद्र में भेजा जाएगा। – दीपक बडोला नगर पालिका अध्यक्ष दुगड्डा
