
बिलासपुर। जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव भारद्वाज ने गोली मारकर व्यक्ति को घायल करने का अभियोग साबित होने पर एक शख्स को पांच वर्ष के कटोर कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी को दस हजार रुपये जुर्माना भी अदा करना होगा। जुर्माना अदा नहीं करने की सूरत में तीन महीने के अतिरिक्त कारावास का प्रावधान है।
जिला न्यायवादी शमशेर सिंह ने मामले की पैरवी करते हुए 15 गवाह की विनाह पर जुर्म साबित कर दिखाया। अदालत ने उनकी दलीलों पर सहमति जताते हुए उक्त सजा सुनाई है। जिला न्यायवादी शमशेर सिंह कौशल ने बताया कि बदरोग गांव के सतीश कुमार ने यशवंत सिंह का घर गिराने के लिए 5000 रुपये का ठेका लिया था। 5500 रुपये प्राप्त करने के बाद उसने बाकायदा 500 रुपये यशवंत सिंह को वापस भी कर दिए। 9 जनवरी 2006 को सतीश कुमार और उसका भाई जगत दलाग गांव से वापस लौट रहे थे। शाम लगभग साढ़े आठ बजे यशवंत सिंह ने उन्हें गाली गलौच करना शुरू कर दिया। यहां तक की उसने गोली मारने की धमकी दे डाली। अचानक तैश में आए यशवंत सिंह ने अपनी बंदूक से गोली मार दी जिससे सतीश के पांव में चोट आई और वह घायल हो गया।
न्यायवादी शमशेर सिंह ने बताया कि न्यायालय ने बदरोग निवासी यशवंत सिंह उर्फ पप्पी को भादंसं की धारा 326 के तहत पांच वर्ष की कैद और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जबकि इंडियन आर्म एक्ट की धारा 27 के तहत तीन वर्ष कैद और पांच हजार रुपये जुर्माना देना होगा। जुर्माना अदा नहीं करने की सूरत में आरोपी को तीन महीने का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। उन्होंने कहा कि दोनों सजाएं एक साथ चलेंगी।
