गोली कांड में दूल्हे का पिता दोषी करार

बागेश्वर। कांडा के मिथनकोट गांव में 21 अप्रैल 2007 में विवाह समारोह के दौरान हुए गोली चलाने और इलाज के दौरान दो लोगों के मरने के मामले में जिला सत्र न्यायालय ने दूल्हे के पिता को दोषी करार दिया है। इस मामले में शुक्रवार को सजा सुनाए जाने की संभावना है।
मिथन कोट में 21 अप्रैल 2007 को भगवान सिंह के पुत्र राकेश की बारात लौट कर आई थी। दूल्हा दुल्हन सहित तमाम लोग आंगन में थे। उल्लास के माहौल के बीच भगवान सिंह ने पुत्र राकेश की अंदर रखी दो नाली लाइसेंसी बंदूक उठा ली और हवा में गोलियां चलाईं। गलती से गोलियां वहां मौजूद पांच लोगों को लगी। सभी को जिला अस्पताल लाया गया। इनमें अनीता देवी पत्नी चंचल सिंह की जिला अस्पताल में और कुशाल सिंह उर्फ सोनू पुत्र तेज सिंह की बरेली के अस्पताल में मौत हो गई। अस्पतालों में इलाज के बाद विमला देवी पत्नी भूपाल सिंह, विमला देवी पत्नी देवेंद्र सिंह और उमेद सिंह पुत्र दलीप सिंह स्वस्थ हो गए। इस मामले में अभियुक्त भगवान सिंह के खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज हुआ। बृहस्पतिवार को जिला सत्र न्यायाधीश एनएस धानिक ने इस मामले के गवाहों को सुना। शासकीय अधिवक्ता आविद हुसैन ने पोस्टमार्टम करने वाले डाक्टर, पुलिस, गोली कांड के घायल तथा प्रत्यक्ष दर्शियों सहित सोलह गवाह पेश किए। श्री धानिक ने अभियुक्त भगवान सिंह को धारा 302 और 307 में दोषी करार दिया। शासकीय अधिवक्ता के अनुसार इस मामले में शुक्रवार को सजा सुनाए जाने की संभावना है।

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