गोलीकांड के शहीदों को नमन

खटीमा। राज्य आंदोलन के दौरान एक सितंबर 1994 में हुए गोलीकांड में शहीद हुए आंदोलनकारियों की 19वीं बरसी पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं और आम नागरिकों ने शहीद स्मारक पर पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। शहीद स्मारक के बाद तहसील में आयोजित शहीद दिवस पर उच्च न्यायालय द्वारा राज्य आंदोलनकारियों के विरुद्ध की गई टिप्पणी व 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण पर लगी रोक, शहीद पार्क, चिह्निकरण, क्षेत्र के अवरुद्ध विकास का मुद्दा छाया रहा। वक्ताओं ने राज्य बनने के 13 वर्षों के बाद भी शहीदों के अनुरूप राज्य का विकास नहीं होने की बात कही। वक्ताओं ने प्रदेश के नुमाइंदों के भी कार्यक्रम में न आने पर चिंता व्यक्त की।
प्रदेश में आई प्राकृतिक आपदा के चलते बेहद सादगी से शहीद दिवस मनाए जाने के कारण बाहर से कोई अतिथि नहीं पहुंचा। उक्रांद के केंद्रीय अध्यक्ष काशी सिंह ऐरी ने कहा कि आंदोलनकारियों के मामले में अब तक की सरकारों का रवैय्या बेहद निराशाजनक रहा है। विधायक पुष्कर सिंह धामी ने क्षेत्र के विकास का मॉडल रखा। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से विकास हो रहा है और आगे भी जारी रहेगा। नानकमता विधायक डा. प्रेम सिंह राणा ने बार्डर ऐरिया डेवलेपमेंट के तहत शहीद स्मारक के निर्माण की बात कही। कार्यक्रम को पूर्व विधायक गोपाल सिंह राणा, सांसद प्रतिनिधि देवेंद्र चंद, कांग्रेस पूर्व प्रदेश संगठन मंत्री महेश जोशी ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कै. शेर सिंह दिगारी ने की।
अन्य वक्ताओं में वरिष्ठ भाजपा नेता दान सिंह रावत, कांग्रेस जिलाध्यक्ष नारायण सिंह बिष्ट, सांसद प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी, हरीश जोशी, नंदन सिंह खड़ायत, भूपेंद्र सिंह खोलिया, अधिवक्ता जेसी ओली, रमेश चंद्र जोशी, भगवान जोशी, शिवशंकर भाटिया, मोहन चंद, अमित पांडे, किशोरी देवी ने संबोधित किया। इस अवसर पर देवेंद्र जुनेजा राजू, पवन अरोड़ा, प्रेम मलिक, विशाल गोयल, पूरन बिष्ट, भवानी भंडारी, भुवन जोशी, कैलाश पांडे, हिमांशु बिष्ट, दीपक तिवारी, गोविंद सिंह बिष्ट, जगदीश चंद्र पांडे, बाबी राठौर, ठा. महेंद्र सिंह, पूर्ति निरीक्षक हयात सिंह बुगला, जीवन सिंह मेहता, किशोरी देवी, हीरालाल वर्मा, भैरव दत्त पांडे, दयाकिशन कलोनी, भैरव दत्त पांडे, मुकेश चंद, हरीश चंद्र फुलेरा, विनोद राजपूत, देवेंद्र कन्याल, नासिर खान, कुशल कन्याल, गणेश मुंडेला, सुरेश चंद, सुरेश चंद राजा, शांति ज्याला, लक्ष्मी देवी, गोदावरी देवी, बीना राणा, नित्यानंद भट्ट, चंचल सिंह खोलिया, विवेक रस्तोगी, गोपाल बिष्ट, भगवान सिंह मेहता, जवाहर सिंह पोखरिया, आकर्षण भटनागर, दलीप सिंह, वीरेंद्र जीत सिंह आदि थे।

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