
गैरसैंण। क्षेत्र पंचायत की त्रैमासिक बैठक में बीएसएनएल और एनएच के अधिकारियों के नहीं पहुंचने पर इनके खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया गया। साथ ही बैठक में अनुपस्थित अधिकारियों का एक दिन का वेतन रोकने की संस्तुति डीएम से की गई।
विकास भवन सभागार में क्षेत्र प्रमुख जानकी रावत की अध्यक्षता में हुई बैठक में स्वैप मोड की डीपीआर बनाने वाली स्वयं सेवी संस्था हिनार्ड पर प्रति योजना आठ हजार रुपये लेना का आरोप लगाया गया। जीआईसी आगरचट्टी, नैल, लाटूगैर, जीजीआईसी गैरसैंण, हाईस्कूल पिंडवाली, मैखुली, झूमाखेत में शिक्षकाें की कमी पर चर्चा की गई। जीआईसी लाटूगैर में आरईएस द्वारा तीन साल से भवन का निर्माण नहीं किए जाने पर नाराजगी जताई गई। सिलपाटा की प्रधान ने छह दशकाें में क्षेत्र की छह ग्राम पंचायतों को यातायात सुविधा नहीं मिलने पर आंदोलन की चेतावनी दी। सदस्यों ने भूस्खलन के चलते रामगंगा में बन रही झील, आयुर्वेदिक चिकित्सालय कुनीगाड़ और झूमाखेत में चिकित्सकों की नियुक्ति, डेढ़ करोड़ की लागत से बनी सणकोट की पेयजल योजना के ठप होने, कर्णप्रयाग-कुनीगाड़ बस सेवा शुरू करने और मनरेगा की बकाया धनराशि का भुगतान के मुद्दे भी प्रमुखता से उठाए। प्रभारी खंड विकास अधिकारी एसएल आर्य के संचालन में हुई बैठक में डीडीओ मोहम्मद असलम, एसडीएम केएस नेगी, कनिष्ठ उप प्रमुख प्रेम संगेला सहित कई मौजूद थे।
