
शिमला। जिला परिषद की बैठक में एडीसी और मुख्य कार्यकारी अधिकारी एनके लट्ठ ने कहा कि बैठक में बार-बार कहे जाने के बावजूूद विभागीय अधिकारी गैरहाजिर रह रहे हैं या वे अपनी जगह छोटे अधिकारियों को भेज रहे हैं। शुक्रवार को हुई बैठक में भी एक दर्जन ऐसे अधिकारी थे। इन अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किये जाएंगे। इन अधिकारियों के न आने के कारण ही सदन में उठने वाले मामलों पर सदस्यों को जवाब नहीं मिल पा रहा है। इससे मामले और समस्याएं लंबित पड़ रही हैं। उन्होंने खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने क्षेत्र की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के लिए प्रशासन व संबंधित विभागाध्यक्षों से संपर्क बनाए रखें। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, विद्युत, लोक निर्माण, सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य, परिवहन विभाग के मामलों को शीघ्र निपटाने को कहा। कहा कि अत्यधिक बरसात से क्षतिग्रस्त सभी सड़कों को बहाल रखा जाएगा।
वहीं, जिला परिषद की बचत भवन में आयोजित बैठक में 107 मामलों में से 40 पर कार्रवाई कर निपटारा कर दिया गया। अन्य मामलों को संबंधित विभागों को कार्रवाई के लिए भेजा गया। जिला परिषद अध्यक्ष चंद्रेश्वर प्रसाद की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में उपाध्यक्ष प्रहलाद कश्यप, अतिरिक्त उपायुक्त और मुख्य कार्यकारी अधिकारी डा. एनके लट्ठ सहित सदस्यों और विभिन्न विभागाध्यक्षों सहित अधिकारियों ने भाग लिया।
जिला पंचायत अधिकारी प्रेम तांटा ने सदन की कार्यवाही का संचालन किया। जिला परिषद के सदस्य सुरेंद्र सिंह चौहान तथा धर्मिला हरनोट सहित अन्यों ने अपने-अपने क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की मरम्मत तथा बसों की कमी से पेश आ रही समस्याओं को उठाया। नीलम सरैक ने महिला सशक्तिकरण के लिए पंचायती राज संस्थाओं में आरक्षण अवधि को 10 वर्ष करने की बात रखी।
बैठक में सदस्यों ने जिले के शैक्षणिक संस्थानों, स्वास्थ्य केंद्रों में रिक्त पदों को शीघ्र भरने, कम वोल्टेज की समस्या के निदान आदि मांगों को प्रमुखता से उठाया।
