
शिमला। गेयटी थियेटर में ‘ख्वाजा मेरे ख्वाजा..दमादम मस्त कलंदर..लाली मेरे लाल की…’ जैसे कई रूहानी कव्वालियों और गीतों ने खूब धमाल मचाया। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की लंबी उम्र की दुआ के लिए भी कव्वालों ने कव्वालियां गाईं। इस कार्यक्रम में सूफी संतों के गीत चले और कबीरदास के भजन भी गाए गए।
मुस्लिम समुदाय की ओर से रखे गए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के सम्मान समारोह में रविवार को गेयटी थियेटर का पूरा सभागार कव्वालियों की धमक से झूम उठा। इसमें कई दर्शक तो एकदम भावविभोर हो गए। दिल्ली-मुंबई में पेशकश देने वाले कव्वालों ने यहां कमाल कर दिया।
तीन पीढ़ी से तो मैं भी जानता हूं ख्वाजा को : वीरभद्र
वीरभद्र सिंह बोले कि ख्वाजा खलील उल्लाह साहब की तीन पीढ़ियों को तो वह भी जानते हैं, जो शिमला रहती आई हैं। उनके परिवार का जुड़ाव हिमाचल से लगभग डेढ़ सौ साल से है। उन्होंने कहा कि वक्फ बोर्ड बनाने की बात आई, तो हिमाचली का मुद्दा उठाया जाने लगा। उन्होंने कहा कि दरअसल जो लोग बाहर से आते हैं, वही दरार पैदा करते आए हैं।
आजकल के हातिमताई हैं वीरभद्र : ख्वाजा
वक्फ बोर्ड के चेयरमैन ख्वाला खलील उल्लाह ने कहा है कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह आजकल के हातिमताई हैं। ख्वाजा ने इस अवसर वीरभद्र सिंह की तारीफों के पुल बांधे। उन्होंने मुस्लिम समुदाय का आह्वान किया कि वे झगड़ों में नहीं उलझें। इंसानों का इंसानों से मोहब्बत रखना जरूरी है। अन्य वक्ताओं ने भी इसमें विचार रखें।
