गृहकर में संशोधन नहीं तो भूख हड़ताल

योल (कांगड़ा)। ग्राम सुधार सभा योल ने छावनी प्रशासन को टो टूक चेतावनी दी है कि यदि 15 दिन में हाउस टैक्स में संशोधन नहीं किया तो हड़ताल होगी। इसी मसले पर सभा की आपातकालीन बैठक शुक्रवार को सभा के अध्यक्ष जनक सिंह गुलेरिया की अध्यक्षता में हुई। इसमें छावनी प्रशासन के प्रति रोष प्रकट करते हुए कहा कि मानमानी करते हुए गृहकर में 1700 प्रतिशत की वृद्धि कर उसेआम जनता पर थोपा है। उन्होंने कहा कि गृहकर में 1700 प्रतिशत की वृद्धि किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बहरहाल, छावनी बोर्ड का यह फैसला लागू होता है तो इससे हजारों लोग प्रभावित होंगे।
वहीं व्यापार मंडल योल और योल विकास समिति ने छावनी प्रशासन के इस कथित तानाशाही रवैये को देखते हुए लोगों से ग्राम सुधार सभा के आंदोलन में पूरा सहयोग करने की अपील की है। ग्राम सुधार सभा के अध्यक्ष जनक सिंह ने कहा कि गृह कर को किस मापदंड के तहत बढ़ाया गया है, इसके लिए छावनी प्रशासन से आरटीआई के तहत जानकारी मांगी गई थी। लेकिन छावनी प्रशासन ने उन्हें सही जानकारी न देते हुए गुमराह किया है। गुलेरिया ने छावनी प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि गृहकर में 15 दिनों के भीतर पंचायती राज के स्तर पर संशोधन नहीं किया तो ग्राम सुधार सभा एवं सातों वार्डों के लोग व अन्य संगठन अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर जाएंगे। अगर इस दौरान लोगों के जानमाल का नुकसान होता है तो उसका जिम्मेवार छावनी प्रशासन होगा। इस मौके पर बैठक में उपप्रधान बृज लाल कपूर, सचिव लाल बहादुर राणा, प्रवक्ता एसएस कांगरा, कोषाध्यक्ष नरेश जैन, वरिष्ठ सदस्य भूषण रैणा, रमन चौधरी, धीरज राणा, रोहित थाप्पर, संदीप भाटिया, हेमंत चड्ढा, दिनेश शर्मा, और राहुल भारद्वाज उपस्थित रहे।
उधर, कैंटोनमेंट बोर्ड के सीईओ एसके माथुर ने कहा कि छावनी प्रशासन ने नियमों के अनुसार ही कर का निर्धारण किया है। अगर किसी को इस बाबत आपत्ति है तो वह न्यायालय में जा सकता है।

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