
घुमारवीं (बिलासपुर)। नगर परिषद घुमारवीं ने अपनी फंसी रकम की रिकवरी प्रक्रिया आरंभ कर दी है। शहर के सौ से अधिक लोगों को अंतिम नोटिस जारी करते हुए गृह कर जमा करवाने को कहा है। टैक्स और दुकानों का किराया 15-20 दिन के भीतर जमा नहीं हुआ तो नगर परिषद कोर्ट जाएगी। नगर परिषद की इस कार्रवाई से लोगों में हड़कंप है।
नगर परिषद घुमारवीं के लाखों रुपये लोगों ने दबा लिए हैं। लगभग 70 लाख रुपये हाउस टैक्स के रूप में फंसे हुए हैं। तीन लाख रुपये दुकानों को किराया वसूलना अभी बाकी है। वर्षों से लोग नप का पैसा देने में दिलचस्पी नहीं दिखा रहे। इस पर नगर परिषद ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। आमदनी कम और खर्चा ज्यादा होने से शहर में विकास की गति धीमी पड़ गई है। लोगों को मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिल रही। स्थानीय लोगों का कहना है कि उनसे हाउस टैक्स तो शहरी क्षेत्र की तर्ज पर वसूला जा रहा है, लेकिन सुविधाएं ग्रामीण क्षेत्रों जैसी भी नहीं। कुछ लोगों ने कहा है कि पहले नगर परिषद शहरों जैसी सुविधा मुहैया करवाएं। स्ट्रीट लाइटें, सड़क, पानी और अन्य मूलभूत सुविधाएं शहरी क्षेत्र के मापदंडों के अनुसार मिलने पर हाउस टैक्स देने में किसी को दिक्कत नहीं होगी।
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी विनोद कुमार शर्मा ने बताया कि लाखों रुपये फंसे हैं। तीन लाख दुकानदारों से लेने है जबकि 70 लाख हाउस टैक्स बकाया है। वार्ड नंबर 1, 2 और 3 के लगभग एक सौ लोगों को नोटिस भेजे हैं। अन्य चार वार्डों के डिफाल्टरों को जल्द नोटिस देंगे।
