गुरु बिन कौन बतावे ज्ञान…

लोहाघाट। पाटी में सरस्वती संगीत महाविद्यालय का वार्षिकोत्सव समारोह मनाया गया। मुख्य अतिथि डीके शुक्ल ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। उन्होंने पाटी जैसे पिछड़े क्षेत्र में संगीत महाविद्यालय की स्थापना को एक ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा महाविद्यालय की स्थापना के बाद संगीत के क्षेत्र में यहां के बच्चे निरंतर आगे बढ़ते जा रहे हैं। बीसी जोशी की अध्यक्षता में कंचन, मीना, हिमानी, शीतल ने शारदा वंदना प्रस्तुत की। महेश भट्ट ने राग केदार में जहां अपने फन का जौहर दिखाया, वहीं मयंक तथा सुभाष तथा बाल कलाकार सौरभ अवस्थी की तबले में झपताल की शानदार प्रस्तुति दी।
हिमानी मौनी, राहुल लडवाल, सागर मौनी, कैलाश चंद्र भट्ट ने भी अपनी कलाकारी का शानदार प्रदर्शन किया। महाविद्यालय के संस्थापक सीएस मौनी ने ‘गुरु बिन कौन बतावे ज्ञान, मैं कैसे जानूं नियम विधान’ गीत से सभी को भाव विभोर कर दिया। कार्यक्रम में प्रभाकर गायन में सागर मौनी, प्रभाकर तबला वादन में सोनिका को प्रथम स्थान मिलने पर सम्मानित किया गया। इस मौके पर डा.प्रेमबल्लभ शास्त्री, टीआर सोराड़ी, प्रमुख संगीतकार डा.विनोद पाठक, डा.कमल पंत, दयाल सिंह, सहदेव, नवीन चंद्र, त्रिलोचन पचौली, राम लाल, टीका सिंह बोहरा, बीडी पचौली, प्रभा गहतोड़ी, तुलसी मौनी आदि उपस्थित रहे।

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