गुरु जी क्लर्की करें या पढ़ाएंगे ?

बिलासपुर। शिक्षा विभाग बिलासपुर के तहत कई सरकारी स्कूलों में कार्यरत अध्यापक बच्चों को भविष्य संवारने के बजाए क्लर्क बन गए हैं। कारण सरकारी स्कूलों में लिपिक स्टाफ के सभी पद रिक्त होना है। इसके चलते मजबूरी में अध्यापकों को ही क्लर्क के सभी कार्य मिल बांट कर करने पड़ रहे हैं। इससे न केवल टीचरों का कार्य प्रभावित हो रहा है। बल्कि बच्चों के भविष्य से भी खिलवाड़ हो रहा है। सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र को सुदृढ़ करने के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं।
शिक्षा विभाग द्वारा सरकारी स्कूलों के बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान करने के सभी दावे खोखले साबित हो रहे हैं। जिन स्कूलों में लिपिक स्टाफ का एक भी कर्मचारी तैनात नहीं होगा। उन स्कूलों में क्लर्क से संबंधित अन्य कार्य कैसे पूरे किए जाते होंगे। मजबूरी में इन कार्यों को अध्यापकों को ही पूरा करना पड़ रहा है। जानकारी के अनुसार राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला बड्ढू ढलोग, मजारी, भाखड़ा, सलोआं, परोइयां, उच्च स्कूल साई ब्रह्मणा, टेपरा, घ्याल सहित अन्य कई स्कूलों में लिपिक स्टाफ का कोई भी कर्मचारी तैनात नहीं हैं। शिक्षा विभाग गैर शिक्षक संघ के नवनियुक्त प्रधान महेंद्र सिंह ने कहा कि समस्याओं के बारे विभागीय उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया गया है। अभी तक इसका कोई भी समाधान नहीं हो पाया है। उन्होंने मांग की है कि जल्द ही रिक्त पदों को भरा जाए। कोई भी कार्य प्रभावित न हो।
उधर, इस बारे में प्रारंभिक शिक्षा उप निदेशक प्रीतम सिंह ढटवालिया ने कहा कि रिक्त पदों के बारे उच्च अधिकारियों को अवगत करवाया गया है।

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