

बर्फ गिरने पर भी रोप-वे की मदद से लोग अब आसानी से जाखू पहुंच सकेंगे। रोप-वे के माध्यम से सर्दियों में बर्फ से सराबोर हिल्सक्वीन का नजारा भी देखने को मिलेगा।
रोप-वे का संचालन शुरू होने के बाद रिज मैदान से जाखू मंदिर पहुंचने में सिर्फ पांच मिनट का समय लगेगा।
निर्माण के बाद पर्यटन विभाग संभालेगा जिम्मा

बीओटी के तहत बन रहे जाखू रोप वे का संचालन निर्माण कर रही कंपनी 40 साल तक करेगी। इसके बाद कंपनी रोप-वे को पर्यटन विभाग के सुपुर्द कर देगी।
रोपवे के बनने से जहां लोगों को जाखू मंदिर की चढ़ाई नहीं चढ़नी पड़ेगी। वहीं, शिमला में सैलानी भी ज्यादा संख्या में आकर्षित होंगे। इसका सीधा फायदा पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों को होगा।
रोप-वे में होगी ये सारी सुविधाएं

रोप-वे के केबिन पारदर्शी होंगे। रोप-वे में सफर के दौरान यात्री सिटी व्यू का आनंद ले सकेंगे। एक समय में केबिन के भीतर छह लोग बैठ सकेंगे और राजधानी शिमला की वादियों को निहार सकेंगे।
जोधा निवास में बनाए गए लोअर टर्मिनल के टॉप फ्लोर से यात्री रोप-वे केबिन में सवार होंगे। चार लिफ्टों के माध्यम से यात्रियों को टॉप फ्लोर तक पहुंचाया जाएगा। रोप-वे में यात्रियों की सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होंगे। यदि केबिन अटक जाते हैं तो इंडीपेनडेंट रेस्क्यू सिस्टम के जरिये यात्रियों को सुरक्षित नीचे उतारा जाएगा।
