
धौलाकुआं (सिरमौर)। गिरिपार क्षेत्र में टमाटर के खेतों में सूक्ष्मदर्शी रोग के फैलने से किसानों को भारी नुकसान की आशंका पैदा हो चुकी है। धौलाकुआं कृषि विशेषज्ञों ने रोग की रोकथाम के लिए किसानों को दवाई का तुरंत प्रयोग करने की सलाह दी है।
गिरिपार क्षेत्र के कोटा पाब क्षेत्र में टमाटर की फसल अचानक मुरझाने लगी है। किसानों ने बताया कि टमाटर के पौधों में अभी फूल आने ही शुरू हुए थे कि अचानक पौधों के पत्ते मुरझाने लगे। इसके बाद एक दो दिन में पौधा पूरी तरह से सूख जाता है। यहां के किसान रमेश चंद, गीता राम, अमर सिंह ने बताया कि उन्होंने अपने पौधों को जब धौलाकुआं की प्रयोगशाला में चैक करवाया तो रोग का पता लगते ही वैज्ञानिक व किसानों के होश उड़ गए।
वैज्ञानिक प्रभारी डा. एके जोशी व डा. भूपेश गुप्ता ने पौधों के सैंपल प्रयोगशाला में चैक करने पर बताया कि सूक्ष्मदर्शी रोग बेहद खतरनाक रोग है। ऊपरी इलाकों में जिन किसानों ने टमाटर की फसल तैयार की है वह तुरंत अपने खेतों में पौधों की जांच करे। साथ ही टमाटर की पनीरी तैयार करते समय ही इसके उपचार को 5 ग्राम फ्यूराडीन थ्रीजी प्रति वर्ग मीटर का छिड़काव करे। जब रोग की संभावना का पता चले तो इसका उपचार शीघ्र शुरू करें।
सूक्ष्मदर्शी रोग से पौधों की जड़ों में गांठें बन जाती है। यह रोग पहले किसी एक पौधे में देखा जा सकता है। धीरे-धीरे यह आग की तरह पूरे खेत में फैल जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि रोग मुक्त पौधों की जांच कर शीघ्र की दवाई का प्रयोग करें।
