
पंचकूला। सेना के अस्पताल में उपचाराधीन हिमाचल प्रदेश के स्पाटू स्थिति 14 जीटीसी का हवलदार अचानक लापता हो गया। हैरत की बात यह है कि उसे गायब हुए करीब एक माह बीत गया है, लेकिन उसकी आज तक न तो गुमशुदगी की एफआईआर दर्ज हुई और न ही उसका सुराग लगा है। जबकि वह कमांड अस्पताल में पांच दिन तक भर्ती रहा। इसके बाद भी किसी को तत्काल खबर तक नहीं लगी। बता दें कि हिमाचल प्रदेश के स्पाटू स्थित 14 जीटीसी में हवलदार के पद पर तैनात सिरमौर के गांव खेड़ाधार निवासी सुरेंद्र सिंह का कई दिनों तक बुखार नहीं उतरने पर उसे कमांड अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन नौ नवंबर को दोपहर 12 बजे से उसका कोई सुराग नहीं हैं। हालांकि अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि इस बात की सूचना चंडीमंदिर पुलिस थाने को दे दी गई थी। सुरेंद्र सिंह की पत्नी उमा देवी ने बताया कि नौ नवंबर की दोपहर करीब 12 बजे उन्हें अस्पताल से पति के गुम होने की खबर मिली। भाई मनोज ने बताया कि वह पिछले 18 साल से फौज में भर्ती हैं और किसी के साथ रंजिश नहीं है। सुरेंद्र के लापता होने के बाद से उसके दो बच्चे, पत्नी और माता-पिता बेहाल हैं। गुम हुए फौजी के पास दो मोबाइल फोन भी थे, जो नौ नवंबर के बाद से बंद है। परिजनों ने सेना पर आरोप लगाया कि अस्पताल से लापता होने के बाद सुरेंद्र सिंह की गुमशुदगी की रिपोर्ट तत्काल क्यों नहीं दर्ज कराई गई।
पत्र से दी सूचना
ब्रिगेडियर एडमिनिस्ट्रेशन एंड सीआरडी ट्रूप्स फॉर कमांडेट, मनु अरोड़ा ने भी सुरेंद्र के नौ नवंबर से गुम होने की पुष्टि की। उन्होंने बताया इसकी सूचना चंडीमंदिर एसएचओ को पत्र के जरिए दे दी गई थी।
