गांवों में स्वरोजगार को बिना गारंटी मिलेगा ऋण

शिमला। हिमाचल पायलट आधार पर शुरू हो रहे राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के तहत गांवों के लोगों को बिना गारंटी के ऋण मिल सकेगा। यह स्वरोजगार के लिए होगा। राज्य में इसी साल से ग्रामीण विकास विभाग नूरपुर, मंडी सदर, कंडाघाट, बसंतपुर तथा हरोली खंडों में यह मिशन शुरू कर रहा है।
इन ब्लाकों के गांवों में एनजीओ बनाने पर सरकार की ओर से बिना गारंटी के ऋण दिया जाएगा। इन एनजीओ का काम गांव के युवाओं को स्वरोजगार की तरफ ले जाने का होगा। इसके लिए गांव के कम से कम 10 घरों को शामिल करना होगा। हर घर से एक व्यक्ति को लेना होगा। ऐसी एनजीओ बनाने पर 10 लाख का ऋण बिना गारंटी के मिलेगा। इसमें किसी एक प्रोजेक्ट में निवेश की अनिवार्यता भी खत्म हो जाएगी। यदि एनजीओ एक के बजाय चार प्रोजेक्ट स्थापित करने का इच्छुक है तो भी उन्हें बिना गारंटी के ही ऋण मिल सकेगा। प्रदेश के पंचायती राज मंत्री अनिल शर्मा ने इसकी पुष्टि की है।
केरल के माडल को हिमाचल में ग्रामीण स्तर पर उतारने की तैयारी है। केरल में दूध से लेकर स्कूल चलाने के लिए योजना के तहत ऋण दिया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य गांव के लोगों को रोजगार मुहैया करवाना होगा। गांव में कमाई के साधन मिलने से शहरों की तरफ पलायन रोका जा सकेगा और ग्रामीण क्षेत्रों में मूल कामों को भी आगे चलाया जा सकेगा। प्रदेश सरकार का तर्क है कि गांव के युवाओं के ऋण के लिए गारंटी सबसे ज्यादा परेशानी बनती है। इसकी शर्त को हटाकर उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित किया जा सकेगा। योजना के प्रदेश में लागू होने के बाद हर गांव में पांच से दस एनजीओ का गठन किया जाना प्रस्तावित है।

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