
पांवटा साहिब (सिरमौर)। पांवटा कॉलेज में बुधवार को खूब कशमकश रही। चारों छात्र संगठनों ने पैनल के नाम तय होने के बाद अपना जलवा दिखाने का प्रयास किया। इस दौरान कई बार छोटी-छोटी बातें हाथापाई तक बढ़ती दिखी, लेकिन कॉलेज प्रशासन व पुलिस टीम ने बीच बचाव किया। बुधवार को सुबह साढ़े 11 बजे तक पैनल की स्थिति साफ हो गई। दो संगठनों के बीच आपसी गठबंधन के कयास लगाए जा रहे थे, लेकिन सीटों के बंटवारे को लेकर सहमति नहीं बन सकी। अब चारों संगठन अपना दमखम दिखाने में जुट गए है। दोपहर एक बजे तक कैंपस के बाहर एनएसयूआई व एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। दोपहर को करीब डेढ़ बजे कॉलेज कैंपस के भीतर दो छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं में अचानक किसी बात पर खूब बहस छिड़ गई। हालांकी कॉलेज प्रशासन व पुलिस टीम की मुस्तैदी से आपसी छड़प मारपीट होने से बच गई। दोपहर दो बजे के बाद एबीवीपी पैनल ने राजबन, गोंदपुर, अजौली व तारुवाला क्षेत्र में डोर टू डोर प्रचार अभियान चलाया। इस दौरान जिला प्रभारी भरत राणा, अरविंद्र चौधरी, सोमा देवी, धीरज कुमार व कनिका अरोड़ा शामिल रहीं।
आंजभोज में चला अभियान
एनएसयूआई ने आंजभोज पर ध्यान केंद्रीत किया। एनएसयूाई के जिला उपाध्यक्ष रणवीर सिंह व कैंपस अध्यक्ष अमित ठाकुर ने कहा कि पांवटा कॉलेज परिसर के बाद आंज भोज क्षेत्र के आधा दर्जन गांव में प्रचार अभियान चलाया गया। इस दौरान पैनल के ऋषभ शर्मा, मोनिका चौहान, अजय कुमार व प्रियंका ठाकुर समेत कार्यकर्ता मौजूद रहे।
डोर टू डोर किया प्रचार
एचसीएस के पूर्व अध्यक्ष चंद्रमोहन ने कहा कि कॉलेज परिसर के बाद आधा दर्जन गांव में घर- घर जाकर वोट मांगे गए। इस दौरान पैनल के लवकेश कुमार, अभिषेक सबलाईक, वीक सिंह समेत संगठन के कार्यकर्ता मौजूद रहे।
गांव-गांव तक दी दस्तक
एचवाईबी के कैंपस अध्यक्ष खुर्शीद ने कहा कि कॉलेज कैंपस में प्रचार अभियान चलाया गया। इसके बाद पांवटा व आस-पास के ग्रामीण इलाकों में पैनल ने प्रचार कर वोट मांगे। इस दौरान पैनल प्रत्याशी दिलशाद अली, छाया दत्ता, इकबाल सिंह व शमशेर समेत कार्यकर्ता शामिल रहे।
