
खटीमा। नेपाल सीमा से लगे गांव के बच्चों में गल फुलवा (पैरोटाइटिस) बीमारी फैल रही है। एक ही गांव में लगभग आठ बच्चों को गल फुलवा होने से ग्रामीण दहशत में हैं। विगत एक सप्ताह से बच्चे इस बीमारी से पीड़ित हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ईएनटी स्पेशलिस्ट न होने के कारण ग्रामीण निजी अस्पतालों का रुख कर रहे हैं, लेकिन कोई लाभ नहीं मिल रहा है। डॉक्टरों ने बच्चों को बरेली लेकर जाने को कहा है, लेकिन गरीब लोग बच्चों को बाहर लेकर जाने की स्थिति में नहीं है।
बड़ी बकुलिया प्राथमिक विद्यालय के आठ बच्चों में एक सप्ताह से गले में दर्द, बुखार की शिकायत है। सबसे पहले मुकेश विश्वास को यह परेशानी शुरू हुई। उसके बाद साधना, विनीता, किरन, रूपा, आरती, अंजली और आदित्य को गले में दर्द और बुखार की शिकायत हो रही है। एएनएम नीरू यादव को जब पता चला तो उन्होंने तत्काल अधिकारियों को इसकी सूचना दी, जिस पर गांव में स्वास्थ्य शिविर लगाया गया और डा. जहीर अहमद ने बच्चों की जांच कर मुफ्त दवा दी। कुछ बच्चों को जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया। डा. अहमद और तपन अस्पताल में ईएनटी स्पेशलिस्ट डा. प्रवीन शर्मा ने बताया कि बीमारी संक्रामक नहीं है, लेकिन वायरल इंफेक्शन और दूषित पेयजल से यह बीमारी होती है। स्वास्थ्य टीम में फार्मेसिस्ट मोनी बिष्ट, स्टाफ नर्स नुपुर पांडे, एलएचवी मुन्नी भारती, एएनएम रेनू यादव, आंगनबाड़ी कार्यकत्री हेमलता, सहायिका रानी, आशा संघमित्रा आदि थ्रे।
