गलत मूल्यांकन कर विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले 57 अध्यापकों पर गाज गिरने वाली है।

हमीरपुर
सांकेतिक तस्वीर
हिमाचल प्रदेश तकनीकी शिक्षा बोर्ड धर्मशाला द्वारा संचालित वार्षिक परीक्षाओं में गलत मूल्यांकन कर विद्यार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले 57 अध्यापकों पर गाज गिरने वाली है। बोर्ड ने कार्रवाई के लिए तकनीकी शिक्षा, वोकेशनल एंड आईटीआई निदेशक सुंदरनगर को इनकी सूची भेज दी है। तकनीकी शिक्षा बोर्ड धर्मशाला के सचिव सुनील वर्मा ने इसकी पुष्टि की है।

इन अध्यापकों द्वारा जांची गईं 104 उत्तर पुस्तिकाओं में पुनर्मूल्यांकन के बाद प्रत्येक विषय में 20 फीसदी से अधिक अंक बढ़े हैं। इन उत्तर पुस्तिकाओं को थर्ड इवेल्यूटर के पास चेकिंग के लिए भेजा गया था।

तकनीकी शिक्षा बोर्ड के नियमों के अनुसार अगर किसी परीक्षार्थी के 10 फीसदी से अधिक अंक बढ़ते हैं तो उन उत्तर पुस्तिकाओं की चेकिंग दो अध्यापकों से करवाई जाती है। 20 फीसदी से अधिक अंक बढ़ने वाली उत्तर पुस्तिकाओं को शुरू में चेक करने वाले अध्यापकों पर अब कार्रवाई की तलवार लटक गई है।जिन विद्यार्थियों के 10 फीसदी से कम अंक बढ़े हैं, उन उत्तर पुस्तिकाओं को चेक करने वाले अध्यापकों को बोर्ड में बुलाकर स्पष्टीकरण लिया जा रहा है।  प्रदेश भर के करीब 400 विद्यार्थियों के पुनर्मूल्यांकन में अंक बढ़े हैं। अमर उजाला ने राजकीय बहुतकनीकी कॉलेज हमीरपुर में विद्यार्थियों को फेल करने और पुनर्मूल्यांकन में उनके अंक दोगुने होने के मामले को प्रमुखता से उठाया है।

इसके बाद प्रदेश तकनीकी शिक्षा विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव निशा सिंह ने निदेशक को इस मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। इसी बीच तकनीकी शिक्षा बोर्ड ने उत्तर पुस्तिकाओं की चेकिंग में कोताही बरतने वाले अध्यापकों की सूची निदेशक को भेज दी है।

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