गरीबों को नहीं मिल रही फ्री दवाइयां

चंबा। क्षेत्रीय अस्पताल में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही के चलते स्मार्ट कार्ड धारकों और आईआरडीपी के मरीजों को मुफ्त दवाइयां मिलना बंद हो गई हैं। विभाग ने राज्य आपूर्ति निगम की दवाई की दुकान के करीब तीन माह के बिल की अदायगी नहीं की है। इस चलते निगम ने स्मार्ट कार्ड धारकों और आईआरडीपी के मरीजों को मुफ्त दवाइयां देना बंद कर दिया है। इस लापरवाही के चलते गरीब व जरूरतमंद मरीजोें में हड़कंप मच गया है। दवाई न मिलने से शुक्रवार को मरीज इधर-उधर भटकते देखे गए। निगम के स्थानीय अधिकारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार स्वाथ्य विभाग ने निशुल्क दवाएं मुहैया करवाने पर खर्च हुए 12 लाख रुपए का भुगतान निगम को नहीं किया है। बार-बार नोटिस के बावजूद जब भुगतान नहीं हुआ तो आला अधिकारियों के आदेशानुसार दवा की दुकान के कर्मियों को निशुल्क दवाएं मुहैया करवाने से रोक दिया है। शुक्रवार को क्षेत्रीय अस्पताल में उपचाराधीन सैकड़ों मरीजों को बिना दवाइयों के बैरंग लौटना पड़ा। मरीजों के तीमारदारों को बाजार में जेब से पैसे खर्च कर दवाइयां खरीदनी पड़ीं। कई आईआरडीपी परिवार से संबंधित मरीजों के पास पैसे न होने के कारण उन्हें बिना दवाई के ही रहना पड़ा। उधर, निगम के शिमला स्थित कार्यालय से स्थानीय क्षेत्रीय प्रबंधक को आदेश जारी किए हैं कि जब तक स्वास्थ्य विभाग उधार की रकम की अदायगी नहीं करता, तब तक मुफ्त में दवाइयां नहीं दी जाएंगी। साथ ही आगे से एक माह से अधिक की उधारी नहीं होगी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. राकेश वर्मा ने बताया कि यह मामला उनके ध्यान में नहीं है। क्षेत्रीय अस्पताल के एमएस डा. विनोद शर्मा ने बताया कि निगम के अधिकारियों से इस संबंध में बात की जा रही है। जल्द ही मरीजों को निगम की दुकान में दवाइयां मिलना शुरू हो जाएंगी।

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