
चंपावत। नगरपालिका क्षेत्र में शहरी नवीनीकरण मिशन के तहत गरीबों के लिए मंजूर मकानों के पूरा होने में अभी समय लगने वाला है। कुल स्वीकृत 72 मकानों में से अब तक मात्र 32 पर ही काम पूरा हुआ है। शेष मकानों को पूरा करने के लिए शासन ने दूसरी किश्त के रूप में 1.75 करोड़ रुपये की मंजूरी तो दे दी है लेकिन दो माह बीतने के बाद भी यह धनराशि नगरपालिका के खाते में नहीं पहुंच पाई है।
शासन ने शहरी गरीबों के लिए मकान बनाने की योजना को 2010 में मंजूरी दी थी। चंपावत नगर में 72 मकानों के लिए कुल 3.81 करोड़ रुपये मंजूर हुए। पहली किश्त के रूप में शासन ने 1.90 करोड़ रुपये जारी किए थे। उसके बाद लंबे समय तक दूसरी किश्त जारी नहीं की गई। इस बीच उत्तराखंड शासन के सचिव एमएस खान ने शहरी विकास विभाग के निदेशक को यह जानकारी दी है कि शासन ने मकानों का निर्माण पूरा कराने के लिए 22 मई को दूसरी किश्त के रूप में 1.75 करोड़ रुपये मंजूर कर दिए हैं, लेकिन अभी तक यह राशि यहां नहीं पहुंच पाई है। स्वीकृति के बावजूद तीन वर्ष से गरीबों के मकान न बन पाने से जनप्रतिनिधियों में गहरी नाराजगी है। नगरपालिका सभासद अनीता प्रहरी ने जिले के प्रभारी मंत्री दिनेश अग्रवाल को लिखे पत्र में कहा है कि स्वीकृत की गई दूसरी किश्त की राशि तत्काल भेजी जाए। ताकि अधूरे कामों को पूरा किया जा सके। युवा कांग्रेस के प्रदेश प्रतिनिधि सूरज प्रहरी ने भी अलग से पत्र भेजा है।
